प्रधान का इस्तीफा CJP आंदोलन की असली सफलता नहीं, बल्कि... गांधीजी के पड़पोते ने अभिजीत दीपके से क्यों कहा?

पीटीआई, छत्रपति संभाजीनगर
Follow us on Google News
share

तुषार गांधी ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवा आंदोलन की असली सफलता नहीं है, बल्कि असली उपलब्धि यह थी कि सरकार जवाब देने के लिए मजबूर हुई, जो उसने पिछले 12 वर्षों में कभी नहीं किया था।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने बुधवार (19 अगस्त) को प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही, अराजकतावादी और हिंसक बताने वाले कुछ वर्गों पर पलटवार करते हुए दावा किया कि महात्मा गांधी के परिवार के सदस्य हमारे साथ खड़े हैं, जो हमारी देशभक्ति का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए दावा किया कि इससे बड़ी देशभक्ति का और क्या प्रमाण हो सकता है कि गांधी जी के पड़पोते उनके साथ हैं। दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में अपने आवास पर महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।

दीपके ने कहा, ''यह गर्व की बात है कि महात्मा गांधी का परिवार हमारे साथ खड़ा है। आंदोलन के दौरान हमें देशद्रोही, अराजकतावादी और हिंसक लोग कहा गया। लेकिन आज तुषार गांधी हमारे साथ खड़े हैं, जो इस बात का सबसे बड़ा प्रमाण है कि हम शांतिप्रिय, अहिंसक और देशभक्त हैं। मुझे उम्मीद है कि जिन लोगों ने हम पर आरोप लगाए थे, उन्हें आज जवाब मिल गया होगा।''

जब दुनिया गांधीजी से सीखती है…

उन्होंने आरोप लगाया कि जिस विचारधारा ने महात्मा गांधी की हत्या की, वह कई वर्षों से उनके विचारों को खत्म करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "लेकिन गांधीजी की विचारधारा इस देश की आत्मा है। हमारा आंदोलन सफल रहा क्योंकि हम महात्मा गांधी के रास्ते पर चले। हमने दिखाया है कि उनके विचार कभी खत्म नहीं हो सकते। पहले हमारी तुलना नेपाल और बांग्लादेश से की जाती थी। लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा, जब दुनिया गांधीजी से सीखती है, तो कहीं और देखने की जरूरत नहीं है।''

मुलाकात का वीडियो किया साझा

बाद में अभिजीत दीपके ने तुषार गांधी से मुलाकात का एक वीडियो क्लिप भी सोशल मीडिया पर साझा किया और लिखा, “महात्मा गांधी के पड़पोते @TusharG सर की अपने घर पर मेज़बानी करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी। आपके हौसला बढ़ाने वाले शब्दों के लिए धन्यवाद, सर। कॉकरोच हमेशा बापू द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलेंगे।”

युवा आंदोलन की असली सफलता क्या?

तुषार गांधी ने कहा कि तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवा आंदोलन की असली सफलता नहीं है, बल्कि असली उपलब्धि यह थी कि सरकार जवाब देने के लिए मजबूर हुई, जो उसने पिछले 12 वर्षों में कभी नहीं किया था। उन्होंने कहा, ''मैं अधिकारों के लिए लड़ी जाने वाली हर लड़ाई में शामिल होता हूं। मैं यहां भी भाग लूंगा, लेकिन यह लड़ाई 'जेन Z' (Gen Z) की है, और मैं एक समर्थक के तौर पर भूमिका निभा सकता हूं।''

कोई सवाल उठा रहा है

तुषार गांधी के अनुसार, 'जेनरेशन अल्फा' (Generation Alpha) ने भी अपने अधिकारों के बारे में सवाल उठाना शुरू कर दिया है, जो CJP के आंदोलन का एक सफल परिणाम है। उन्होंने कहा, ''CJP द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को महाराष्ट्र से समर्थन मिल रहा है। जेन अल्फा (Gen Alpha) भी अपनी समस्याओं के बारे में सवाल पूछ रही है। यह CJP की सबसे बड़ी कामयाबी है कि कोई सवाल उठा रहा है।''

रिजिजू झूठ बोल रहे हैं

बुधवार को केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि NEET पेपर लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसी की जान नहीं गई, जबकि कांग्रेस सरकारों के समय पुलिस फायरिंग में कई लोग मारे गए थे। उनकी इस बात पर प्रतिक्रिया देते हुए तुषार गांधी ने रिजिजू पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा, ''यह साफ़ है कि किरेन रिजिजू ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि वह सरकार के प्रतिनिधि हैं। हमें युवाओं के धैर्य की तारीफ़ करनी चाहिए। अगर किरेन रिजिजू हमसे यह कहना चाहते हैं कि (आंदोलन के दौरान) पुलिस ने हिंसा नहीं की, तो वह झूठ बोल रहे हैं।''

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

और पढ़ें
Hindi News , इंडिया न्यूज़ , आज का मौसम , विधानसभा चुनाव और Sawan 2026 से जुड़ी ताज़ा खबरों व पल-पल के अपडेट के लिए लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े रहें। UP Chunav 2027 , UP Vidhan Sabha Seats और UP Vidhan Sabha Candisates से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण खबरें और जानकारी यहां पढ़ें। सभी बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए लाइव हिन्दुस्तान ऐप अभी डाउनलोड करें।
Hindi NewsIndia Newsप्रधान का इस्तीफा CJP की असली सफलता नहीं, बल्कि…तुषार गांधी ने दीपके से क्या कहा