
प्रशांत किशोर को हार पर मिली देवेंद्र फडणवीस से नसीहत, बताया क्या चीज ज्यादा जरूरी
सीएम फडणवीस ने कहा कि लोकतंत्र को चलाने के दो ही तरीके हैं। विचारधारा और नंबर, लेकिन आप बिना नंबर के विचारधारा को आगे नहीं बढ़ा सकते। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने विचारधारा के बारे में खूब बात की, लेकिन एक भी सीट हासिल नहीं हुई।
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार पाने वाले प्रशांत किशोर को महाराष्ट्र के चीफ मिनिस्टर देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को एक सीख दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में हमेशा से विचारधारा से ज्यादा संख्या को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को चलाने के दो ही तरीके हैं। विचारधारा और नंबर, लेकिन आप बिना नंबर के विचारधारा को आगे नहीं बढ़ा सकते। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने विचारधारा के बारे में खूब बात की, लेकिन एक भी सीट हासिल नहीं हुई। आपको राजनीति में व्यवहारिक होना होगा। प्रासंगिक होना अहम है और इसके लिए जरूरी है कि आपके पास नंबर हों। यहां नंबर से उनका अर्थ विधायकों, सांसदों या अन्य जनप्रतिनिधियों की संख्या से था।
देवेंद्र फडणवीस ने इस दौरान गठबंधन की राजनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा भले ही मेल नहीं खाती है, लेकिन हम एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब गठबंधन की राजनीति परिपक्व हो गई है और भाजपा इसमें आगे हैं। फडणवीस ने 1990 के दशक का जिक्र करते हुए कहा कि तब देश को 6 अलग-अलग पीएम मिले थे। बता दें कि देवेंद्र फडणवीस महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की एनसीपी के साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं। इससे पहले करीब दो साल तक वह एकनाथ शिंदे की सरकार में डिप्टी सीएम रहे थे।
यही नहीं 5 सालों तक वह 2014 से 2019 तक गठबंधन सरकार के पूरे 5 साल सीएम रहे थे। शिवसेना से डील करने के अलावा भी कई मोर्चों पर वह सहजता से काम करते दिखे थे। ऐसे में गठबंधन सरकार चलाने का उनका अनुभव है। बता दें कि मुंबई के निकाय चुनाव बोने वाले हैं और उससे पहले चर्चाएं तेज हैं कि क्या शिवसेना के साथ गठबंधन इन चुनावों में रहेगा या दोनों अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे।
इस बीच उन्होंने गठबंधन से लेकर प्रशांत किशोर तक के बारे में खुलकर बात की है। बता दें कि प्रशांत किशोर की पार्टी को इतने वोट भी नहीं मिले हैं कि वह राज्य की मान्यता प्राप्त पार्टी का दर्जा हासिल कर ले। नियम के अनुसार चुनाव में यदि 6 फीसदी वोट मिलते हैं, तभी उसे मान्यता प्राप्त दल का स्टेटस मिलता है।





