स्टील विवाद के बावजूद भारत-ब्रिटेन के बीच 15 जुलाई से लागू होगा FTA, मिलेंगी बड़ी रियायते
ब्रिटेन द्वारा 1 जुलाई से लागू किए जाने वाले नए स्टील व्यापार नियमों को लेकर भारतीय अधिकारियों ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। भारत को डर था कि इन उपायों से भारतीय स्टील निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है।

भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी सफलता मिली है। दोनों देशों के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (FTA) आगामी 15 जुलाई से आधिकारिक तौर पर लागू होने जा रहा है। ब्रिटिश सरकार ने बुधवार को इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक अड़चनों को दूर करने और निर्यात को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा। यह समझौता इसलिए भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि लंदन के आगामी स्टील टैरिफ व्यवस्था को लेकर दोनों देशों के बीच पैदा हुए हालिया विवाद के बावजूद इसे लागू करने पर सहमति बन गई है।
ब्रिटेन द्वारा 1 जुलाई से लागू किए जाने वाले नए स्टील व्यापार नियमों को लेकर भारतीय अधिकारियों ने गहरी चिंता व्यक्त की थी। भारत को डर था कि इन उपायों से भारतीय स्टील निर्यात पर बुरा असर पड़ सकता है। इस चिंता के कारण भारतीय पक्ष ने पिछले साल हस्ताक्षर किए गए 6.5 अरब डॉलर के समझौते को टालने या इसकी शर्तों की समीक्षा करने की संभावना भी जताई थी।
हालांकि, फ्रांस में आयोजित जी7 (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बातचीत के बाद दोनों देश इस व्यापार समझौते को समय पर लागू करने के लिए सहमत हो गए।
दोनों देशों को मिलेंगी ये बड़ी रियायतें
इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के उद्योगों और उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर बड़ा फायदा होने जा रहा है। समझौते के तहत भारत, ब्रिटिश व्हिस्की पर लगने वाले आयात शुल्क को 150% से घटाकर सीधे 40% कर देगा। ऑटोमोटिव पर लगने वाले शुल्क को एक निश्चित कोटे के तहत 100% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा। इसके बदले में ब्रिटेन भी भारत से आने वाले प्रमुख सामानों जैसे कि कपड़े, जूते-चप्पल और कुछ खाद्य उत्पादों पर आयात शुल्क में भारी कटौती करेगा।


