'किसको ये कहां आतंकवादी बता दें', लश्कर के बांग्लादेश मॉड्यूल पर क्या बोले इमरान मसूद

Niteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि आतंकवाद के नाम पर निर्दोष लोग फंसाए जाते हैं, उनकी जिंदगी बर्बाद हो जाती है और परिवार उजड़ जाते हैं। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया कि क्या यह न्याय है या सिर्फ सत्ता का दुरुपयोग।

'किसको ये कहां आतंकवादी बता दें', लश्कर के बांग्लादेश मॉड्यूल पर क्या बोले इमरान मसूद

दिल्ली में लश्कर-ए-तैयबा के बांग्लादेश मॉड्यूल मामले में 6 आरोपियों को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'वे किसी को भी आतंकवादी के रूप में फंसाकर जेल में डाल सकते हैं और व्यक्ति 20 साल बाद जेल से बाहर आता है। ऐसी चीजों के बारे में आप न तो कह सकते हैं कि ये गलत हैं और न ही कह सकते हैं कि ये 100% सही हैं। वे ध्यान भटकाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।' उन्होंने कहा कि लोग 20-30 साल बाद बरी हो रहे हैं। आपने उनकी जिंदगियां बर्बाद कर दीं।

इमरान मसूद ने सवाल किया कि उन लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, जिन्होंने उन्हें जेल में डाला? उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, जो दूसरों को फर्जी तरीके से फंसाते हैं। दिल्ली पुलिस ने तीन राज्यों में चलाए गए बड़े आतंकवाद रोधी अभियान के तहत लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का पर्दाफाश करके इससे जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से 7 बांग्लादेशी के नागरिक हैं।

लश्कर-ए-तैयबा के मॉड्यूल का पर्दाफाश

एक अधिकारी ने बताया कि ये सातों बांग्लादेशी अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए थे और जाली पहचान पत्र बनवा लिए थे। ये गिरफ्तारियां पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में समन्वित छापेमारी के बाद हुईं। इसके पहले जांचकर्ताओं ने दिल्ली में कई स्थानों पर मारे जा चुके आतंकवादी बुरहान वानी की तस्वीर दर्शाने वाले पाकिस्तान समर्थक और आतंकवाद समर्थक पोस्टर लगाने में एक समूह की संलिप्तता का पता लगाया था।

मॉड्यूल कैसे कर रहा था काम

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि इस मॉड्यूल को बांग्लादेश से शब्बीर अहमद लोन उर्फ ​​राजा उर्फ ​​कश्मीरी की ओर से संचालित किया जा रहा था। शब्बीर जम्मू-कश्मीर का रहने वाला लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रशिक्षित आतंकवादी है। इसे पहले 2007 में दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने हथियारों और गोला-बारूद, जिनमें एके-47 राइफल और ग्रेनेड शामिल थे, की बरामदगी से जुड़े एक मामले में शब्बीर को गिरफ्तार किया था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि श्रीनगर के कंगन का रहने वाला शब्बीर वर्ष 2018 में तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद बांग्लादेश भाग गया था। इसके बाद से शब्बीर अपने आतंकी संगठन से जुड़े और भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी लोगों के स्लीपर सेल को सक्रिय करके लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी नेटवर्क को पुनर्जीवित करने का काम कर रहा था।

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पत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।

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