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‘सद्गुरु की झूठी गिरफ्तारी’ विज्ञापनों पर अदालत ने गूगल को दिया आदेश, प्रकाशन पर लगे रोक

‘सद्गुरु की झूठी गिरफ्तारी’ विज्ञापनों पर अदालत ने गूगल को दिया आदेश, प्रकाशन पर लगे रोक

संक्षेप: दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 अक्टूबर को गूगल को निर्देश दिया कि वह सद्गुरु की AI से बनी तस्वीरों का इस्तेमाल करने वाले फर्जी विज्ञापनों से निपटने के लिए अपनी तकनीक का उपयोग करे। 

Tue, 21 Oct 2025 07:39 PMDeepak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 अक्टूबर को गूगल को निर्देश दिया कि वह सद्गुरु की AI से बनी तस्वीरों का इस्तेमाल करने वाले फर्जी विज्ञापनों से निपटने के लिए अपनी तकनीक का उपयोग करे। सद्गुरु और ईशा फाउंडेशन द्वारा इस बात को उजागर किया था कि गूगल, सद्गुरु के नाम, तस्वीर और वीडियो के लगातार हो रहे गलत इस्तेमाल को रोकने में नाकाम रहा है। ये भ्रामक एआई डीपफेक विज्ञापन, जिनमें सद्गुरु की झूठी गिरफ्तारी का विज्ञापन भी शामिल है, उसके वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर चल रहे थे।

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जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की एकल जज बेंच ने गूगल से कहा कि सद्गुरु की झूठी गिरफ्तारी दिखाने वाले ऐसे विज्ञापनों के प्रकाशन पर रोक लगनी चाहिए। कोर्ट ने गूगल को इस मुद्दे से निपटने के लिए अपनी तकनीक का इस्तेमाल करने का आदेश दिया और यदि उसकी तकनीक के उपयोग के संबंध में कोई सीमाएं या आपत्तियां हैं, तो अदालत में हलफनामा दायर करके कारणों का विस्तार से उल्लेख करने को कहा। कोर्ट ने गूगल और ईशा को मुलाकात करने और इस मुद्दे पर संयुक्त रूप से चर्चा करने और एक ऐसे समाधान पर पहुंचने का भी निर्देश दिया, ताकि ईशा फाउंडेशन को ऐसी सामग्री हटाने के लिए बार-बार संपर्क न करना पड़े।

अदालत को बताया गया कि गूगल की एक नीति है जो गिरफ्तारी, मौत जैसी नकारात्मक घटनाओं का इस्तेमाल करने वाले क्लिकबेट विज्ञापनों को प्रकाशित करने के खिलाफ है, लेकिन वह इसका पालन नहीं कर रहा था। यह भी बताया गया कि मध्यस्थ नियमों (Intermediary rules) के अनुसार, गूगल तकनीक-आधारित उपाय लागू करने के लिए बाध्य है, जिसमें स्वचालित विधियां या अन्य तंत्र शामिल हैं, ताकि ऐसी जानकारी को सक्रिय रूप से पहचाना जा सके जो अदालत के आदेश के कारण पहले हटाई गई जानकारी के समान/अनुरूप है।

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लेखक के बारे में

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दीपक मिश्र मीडिया इंडस्ट्री में करीब 18 साल का अनुभव रखते हैं। खेल, सिनेमा और राजनीति पर प्रमुखता से काम किया है। खासतौर पर खेल की खबरों से जुनून की हद तक मोहब्बत है। 2011 में वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप और 2014 में फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप प्रमुखता से कवर कर चुके हैं। फोटोग्राफी और वीडियो स्टोरी के साथ-साथ पॉडकास्ट में विशेष रुचि रखते हैं। पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर से मास्टर ऑफ मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई के बाद आज अखबार के साथ पत्रकारिता की शुरुआत। इसके बाद दैनिक जागरण-आई नेक्स्ट और पत्रिका अखबार में काम किया। लाइव हिन्दुस्तान में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। यहां पर टी-20 वर्ल्ड कप 2024, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और आईपीएल भी कवर कर चुके हैं। इसके अलावा महाकुंभ 2025 में वीडियो स्टोरीज पर काम किया है। और पढ़ें
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