सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा को जमीन घोटाले में पेशी का आदेश, 16 मई की है तारीख
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति वाड्रा के खिलाफ पिछले साल जुलाई में चार्जशीट दाखिल की थी। यह पहली बार था जब किसी जांच एजेंसी ने 57 वर्षीय वाड्रा के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार (15 अप्रैल) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा हरियाणा के शिकोहपुर जमीन सौदे में कथित अनियमितताओं को लेकर दर्ज किए गए मनी लॉन्ड्रिंग के केस में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा समेत सात अन्य आरोपियों को समन जारी किया है। आरोपियों को 16 मई को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया है। विशेष न्यायाधीश सुशांत चांगोत्रा ने ED की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए ये आदेश जारी किया है। इस संबंध में विस्तृत आदेश का इंतजार है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति वाड्रा के खिलाफ पिछले साल जुलाई में चार्जशीट दाखिल की थी। यह पहली बार था जब किसी जांच एजेंसी ने 57 वर्षीय वाड्रा के खिलाफ किसी आपराधिक मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इससे पहले अप्रैल 2025 में ED ने वाड्रा से लगातार तीन दिनों तक पूछताछ की थी। वाड्रा के खिलाफ यह जांच हरियाणा के गुरुग्राम जिले के मानेसर-शिकोहपुर (अब सेक्टर 83) में एक जमीन सौदे से जुड़ी है।
फरवरी 2008 का है ये सौदा
यह सौदा फरवरी 2008 में 'स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक कंपनी द्वारा किया गया था, जिसमें वाड्रा पहले निदेशक थे। इस सौदे के तहत, कंपनी ने शिकोहपुर में 'ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज़' से 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी। उस समय हरियाणा में भूपिंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार थी। चार साल बाद, सितंबर 2012 में कंपनी ने वह जमीन रियल एस्टेट की बड़ी कंपनी DLF को 58 करोड़ रुपये में बेच दी।
2012 में विवादों में आया था सौदा
अक्टूबर 2012 में यह सौदा विवादों में तब घिर गया, जब IAS अधिकारी अशोक खेमका, जो उस समय 'भूमि चकबंदी और भूमि अभिलेख महानिदेशक-सह-पंजीकरण महानिरीक्षक' के पद पर तैनात थे, ने इस सौदे को राज्य के चकबंदी अधिनियम और कुछ संबंधित प्रक्रियाओं का उल्लंघन बताते हुए इसका म्यूटेशन (नामांतरण) रद्द कर दिया।
ED वाड्रा के खिलाफ दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही
हालांकि, वाड्रा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है और इस मामले को अपने तथा अपने परिवार, जिसमें कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल हैं, के खिलाफ एक "राजनीतिक बदले की भावना" करार दिया है। ED वाड्रा के खिलाफ दो अन्य मामलों की भी जांच कर रही है, जिनमें से एक मामला ब्रिटेन स्थित हथियार सलाहकार संजय भंडारी से जुड़ा है, और दूसरा मामला राजस्थान के बीकानेर में हुए एक जमीन सौदे से संबंधित है।
लेखक के बारे में
Pramod Praveenप्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।


