नौकरी से निकाला गया था डॉक्टर उमर, दिल्ली धमाके के बाद चौंकाने वाले खुलासे

नौकरी से निकाला गया था डॉक्टर उमर, दिल्ली धमाके के बाद चौंकाने वाले खुलासे

संक्षेप:

दिल्ली बम धमाके के मुख्य आरोपी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक इस डॉक्टर को जम्मू-कश्मीर में एक मरीज की मौत के बाद नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह फरीदाबाद में आकर नौकरी कर रहा था।

Nov 11, 2025 11:07 pm ISTDeepak लाइव हिन्दुस्तान
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दिल्ली बम धमाके के मुख्य आरोपी को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जानकारी के मुताबिक इस डॉक्टर को जम्मू-कश्मीर में एक मरीज की मौत के बाद नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बाद वह फरीदाबाद में आकर नौकरी कर रहा था। इस डॉक्टर का नाम उमर उन नबी है। माना जा रहा है संदिग्ध सफेद आई-20 कार को उमर ही चला रहा था। धमाके में डॉक्टर के भी मारे जाने की आशंका है। अब जांच एजेंसियां उसके शरीर के टुकड़ों के डीएनए का उसके परिवार से मिलान कर पहचान की पुष्टि करेंगी।

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डॉक्टर उमर के जम्मू में नौकरी से निकाले जाने की बात भी बाद में सामने आई। इंडिया टुडे के मुताबिक कश्मीर में एक रिटायर्ड मेडिकल प्रोफेसर ने खबर देखकर इस बात की जानकारी दी। प्रोफेसर डॉक्टर गुलाम जिलानी रोम्शू उन चार लोगों में थे, जिन्होंने डॉक्टर के टर्मिनेशन को रेकमेंड किया था। उस वक्त उमर अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में तैनात था।

साल 2023 का मामला
यह मामला साल 2023 का है। उस वक्त उमर एमबीबीएस और एमडी की डिग्री लेने के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज में एक सीनियर रेजिडेंट के तौर पर काम कर रहा था। वह अनंतनाग तीन साल के रेजीडेंसी प्रोग्राम के लिए आया था। यहां पर डॉक्टर जिलानी जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट में उसके वरिष्ठ थे।

व्यवहार था खराब
लेकिन उमर एक अच्छा डॉक्टर साबित नहीं हुआ। शुरू से ही उसके खिलाफ शिकायतें आने लगीं। साथी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ के साथ-साथ मरीज भी उससे परेशान रहने लगे। लोगों का कहना था कि डॉक्टर उमर नबी न केवल रूड थे, बल्कि अस्पताल से भी गायब रहते थे। डॉक्टर जिलानी का कहना है कि उमर के ध्यान न देने के चलते एक मरीज की सरकारी अस्पताल में मौत हो गई।

गंभीर थी मरीज की हालत
वह मरीज गंभीर हालत में था और डॉक्टर उमर की निगरानी में था। लेकिन उसके गंभीर हालत के बावजूद डॉक्टर उमर एक दिन ड्यूटी से गायब हो गया। इसी दौरान मरीज की हालत बिगड़ने लगी। वहां मौजूद जूनियर डॉक्टर ने पूरी कोशिश की, लेकिन मरीज की मौत हो गई। मरीज के परिवार ने डॉक्टर उमर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जांच के लिए कमेटी बनी।

जांच के दौरान क्या बोला
डॉक्टर जिलानी के मुताबिक जांच के दौरान उमर ने साफ झूठ बोला कि वह ड्यूटी पर था। लेकिन जब कमेटी ने अस्पताल का सीसीटीवी फुटेज चेक किया तो पाया कि उमर ड्यूटी से गायब था। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि जांच के दौरान कमेटी द्वारा बार-बार बुलाने के बावजूद उमर हाजिर नहीं हुआ। कमेटी ने उसके टर्मिनेशन के लिए रेकमेंड किया और उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक साल 2023 में उसने फरीदाबाद में अल-फलह स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज जॉइन कर लिया।

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