Hindi NewsIndia NewsDebate on issue of Vande Mataram in Lok Sabha Today PM Modi starts
अंग्रेज मानते थे बंगाल टूटा तो देश टूट जाएगा, लेकिन वंदे मातरम्...; लोकसभा में बोले PM मोदी

अंग्रेज मानते थे बंगाल टूटा तो देश टूट जाएगा, लेकिन वंदे मातरम्...; लोकसभा में बोले PM मोदी

संक्षेप:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'अंग्रेजों का मानना था कि एक बार बंगाल टूट गया, तो देश भी टूट जाएगा। 1905 में बंगाल का विभाजन किया। जब अंग्रेजों 1905 में ये पाप किया, तब वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा।'

Dec 08, 2025 01:15 pm ISTNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर सोमवार को लोकसभा में चर्चा शुरू हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी शुरुआत की। उन्होंने कहा कि जब अंग्रेज भारत को बांटने की कोशिश कर रहे थे, तब वंदे मातरम् ने ही उन्हें रोक रखा था। इस मुद्दे पर लोकसभा में 10 घंटे का समय तय किया गया है। मंगलवार को राज्यसभा में राष्ट्रगीत के मुद्दे पर चर्चा होगी, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

पीएम मोदी ने कहा कि अंग्रेजों ने भारत को बांटने के लिए पश्चिम बंगाल को चुना था। उन्होंने कहा, 'अंग्रेज समझ चुके थे कि 1857 के बाद लंबे समय तक भारत में टिकना उनके लिए मुश्किल लग रहा था। जिस प्रकार से वो अपने सपने लेकर आए थे, तब उनको लगा कि जब तक भारत को बांटेंगे नहीं, तब भारत को टुकडों में नहीं बांटेंगे, भारत में ही लोगों को एक दूसरे से लड़ाएंगे नहीं, तब तक यहां तक राज करना मुश्किल है।'

उन्होंने कहा, 'अंग्रेजों ने बांटो और राज करो, इस रास्ते को चुना और उन्होंने बंगाल को इसकी प्रयोगशाला बनाया। वो एक वक्त था जब बंगाल का बौद्धिक सामर्थ्य देश को दिशा दे रहा था। देश को ताकत देता था। देश को प्रेरणा देता था। इसलिए अंग्रेज भी चाहते थे कि बंगाल का जो सामर्थ्य है, वो देश की शक्ति का एक प्रकार से केंद्र बिंदु है। इसलिए अंग्रेजों ने बंगाल के टुकड़े करने की दिशा में काम किया।'

उन्होंने कहा, 'अंग्रेजों का मानना था कि एक बार बंगाल टूट गया, तो देश भी टूट जाएगा। 1905 में बंगाल का विभाजन किया। जब अंग्रेजों 1905 में ये पाप किया, तब वंदे मातरम् चट्टान की तरह खड़ा रहा।'

उन्होंने कहा, ‘बंगाल की एकता के लिए वंदे मातरम् गली गली का नाद बन गया था। वही नारा प्रेरणा देता था। अंग्रेजों ने बंगाल विभाजन के साथ भारत को कमजोर करने के बीज और अधिक बोने की दिशा पकड़ ली थी, लेकिन वंदे मातरम् एक स्वर, एक सूत्र के रूप में अंग्रेजों के लिए चुनौती बनता गया। बंगाल का विभाजन तो हुआ, लेकिन एक बहुत स्वदेशी आंदोलन खड़ा हुआ और तब वंदे मातरम् हर तरफ गूंज रहा था।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘अंग्रेज समझ गए थे कि बंगाल की धरती से निकला बंकिम बाबू ने ये जो भाव तैयार किया था। उन्होंने अंग्रेजों को हिला दिया। और अंग्रेजों ने उसको कानूनी रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए मजबूर होना पड़ा। गाने पर सजा, छापने पर सजा और वंदे मातरम् बोलने पर भी सजा। इतने कठोर कानून कर दिए गए थे। हमारे देश की आजादी के आंदोलन में सैकड़ों महिलाओं ने नेतृत्व किया, योगदान दिया। एक घटना का मैं जिक्र करना चाहता हूं।’

Nisarg Dixit

लेखक के बारे में

Nisarg Dixit
निसर्ग दीक्षित एक डिजिटल क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनकी राजनीति की गतिशीलता पर गहरी नजर है और वैश्विक और घरेलू राजनीति की जटिलताओं को उजागर करने का जुनून है। निसर्ग ने गहन विश्लेषण, जटिल राजनीतिक कथाओं को सम्मोहक कहानियों में बदलने की प्रतिष्ठा बनाई है। राजनीति के अलावा अपराध रिपोर्टिंग, अंतरराष्ट्रीय गतिविधियां और खेल भी उनके कार्यक्षेत्र का हिस्सा रहे हैं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म करने के बाद दैनिक भास्कर के साथ शुरुआत की और इनशॉर्ट्स, न्यूज18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद लाइव हिन्दुस्तान में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर रहे हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।