Hindi NewsIndia NewsDeal nahin Dheel, Akhilesh Yadav slams government on trade deal with US asks where was Halwa distributed
अमेरिका से डील नहीं, ढील हुई; US संग ट्रेड डील पर अखिलेश ने सरकार को घेरा- हलवा कहां-कहां बंटा?

अमेरिका से डील नहीं, ढील हुई; US संग ट्रेड डील पर अखिलेश ने सरकार को घेरा- हलवा कहां-कहां बंटा?

संक्षेप:

अखिलेश यादव ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीब, पिछड़े, दलित के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इतने बजट ला रहे हैं, लेकिन हमारी पर कैपिटा इनकम नहीं बढ पा रही।

Feb 10, 2026 03:44 pm ISTPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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लोकसभा में बजट पर चर्चा में भाग लेते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि हालिया पेश बजट में कोई विजन नहीं है। यादव ने बजट और अमेरिका संग ट्रेड डील की टाइमिंग पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि अमेरिका से डील नहीं, ढील हुई है। सपा अध्यक्ष ने तंज कसा कि जीरो बड़ा या 18? बजट पहले बना या पहले डील हुई? और अगर यही होना था तो 11 महीने तक इंतजार क्यों किया गया?

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उन्होंने कहा कि बजट आने से पहले और बजट आने के बाद पूरे देश में अमेरिका से डील को लेकर हल्ला कराया जा रहा है। बीजेपी ने दावे किए कि हमने दुनिया में कई देशों से फ्री ट्रेड डील कर ली है। उनसे जानना चाहूंगा कि कितने देश बचे हैं, जिनसे फ्री ट्रेड डील नहीं कर पाए हैं। अखिलेश ने कहा कि कुछ लोग रुपये को लेकर उम्र पर सवाल उठाते थे, इस डील के बाद रुपया कहां जाएगा?अखिलेश यादव ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें गरीब, पिछड़े, दलित के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इतने बजट ला रहे हैं, लेकिन हमारी पर कैपिटा इनकम नहीं बढ पा रही है।

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बजट में यूपी की उपेक्षा: अखिलेश

बजट में उत्तर प्रदेश की उपेक्षा की बात उठाते हुए यादव ने कहा कि यूपी जैसे बड़े प्रदेश के लिए कोई खास योजना इस बजट में नहीं आई है, जिससे कि यूपी के 25 करोड़ लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके, जबकि यहां डबल इंजन की सरकार है। उन्होंने कहा, "यूपी से प्रधानमंत्री आते हैं, लेकिन भारत सरकार के बजट से वहां कोई भी एक्सप्रेसवे नहीं बन सका है, जो बने भी हैं, उस क्वालिटी के नहीं हैं, जैसे विकसित भारत की क्वालिटी होनी चाहिए।" उन्होंने भ्रष्टाचार की बात करते हुए कहा कि इस पर सवाल उठाने वालों को देखना चाहिए कि अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से कोई एक्सप्रेसवे बन रहा था लेकिन बनने के साथ-साथ उसका नाम भी बदल दिया गया। पहले चंबल फिर अटल जी के नाम पर... अखिलेश ने कहा ऐसा लग रहा वह बस कागजों पर बन रहा था।

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सब कुछ विदेश से ही आएगा, तो किसान क्या उगाएगा?

अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने की बात कही थी लेकिन इस डील के बाद हमारे किसानों का हाल क्या होगा? जब सब कुछ विदेश से ही आएगा, किसान क्या उगाएगा और क्या बेच पाएगा। अखिलेश ने कहा कि सरकार ने एग्री इंफ्रा, मंडिया तैयार करने की बात कही थी लेकिन किसानों को आज भी MSP की कानूनी गारंटी सरकार नहीं दे पाई। सरकार हर्टिकल्चर क्रॉप्स और दुग्ध उत्पादन के आंकड़े गिनाती है लेकिन ये बताए कि एमएसपी की गारंटी कब देंगे? यादव ने कहा कि अगर किसानों को लाभ नहीं मिलेगा, तो वो अपना घर कैसे चलाएंगे, बच्चों को कैसे पढ़ाएंगे, बेटियों को विदा कैसे करेंगे। आज सोने के भाव कहां पहुंच गए? पहले गरीब सोचता था कि बिटिया की विदाई में सोने का कुछ दे देंगे, यही सरकार चलती रही तो चांदी दूर, लोहे पर पीतल का पानी चढ़ाकर भी वह बेटी की विदाई नहीं कर पाएगा।

सदन में खत्म हुआ गतिरोध, बजट पर चर्चा शुरू

इससे पहले लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गतिरोध खत्म होने के संकेत मिले और सदन में केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू हुई। पिछले कुछ दिनों से बजट पर चर्चा विपक्ष की इस मांग की वजह से शुरू नहीं हो पा रही थी कि इससे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को कुछ मुद्दों पर बोलने दिया जाए। आज भी दो बार के स्थगन के बाद जब बैठक 2 बजे शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कांग्रेस सदस्य शशि थरूर का नाम बजट पर चर्चा की शुरुआत के लिए पुकारा। इसके बाद केरल के तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने बजट पर अपना भाषण दिया। उनके बाद अखिलेश यादव ने बजट पर चर्चा की।

Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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