बच्ची थी सांवली तो कर दी हत्या? मां के आशिक ने चलती कार में गला घोंटा, IVF के फेर में खुल गई पोल

लाइव हिन्दुस्तान, बेंगलुरु
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हाईटेक सिटी बेंगलुरु में एक वकील मां ने अपने आशिक संग मिलकर छह साल की बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी क्योंकि उसका रंग सांवला था। पुलिस ने आरोपी वकील मां को गिरफ्तार कर लिया है।

बच्ची थी सांवली तो कर दी हत्या? मां के आशिक ने चलती कार में गला घोंटा, IVF के फेर में खुल गई पोल

दक्षिणी राज्य कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है, जहां एक वकील मां ने अपने आशिक संग मिलकर अपनी ही छह साल की बेटी की इसलिए हत्या कर दी कि उसका रंग सांवला था। इसका भेद तब खुला, जब बच्ची की हत्या के तीन महीने बाद, बेंगलुरु की ये वकील और उसके प्रेमी ने एक IVF सेंटर का दौरा किया, जहां वो एग सैंपल देने पहुंचे थे। मामले की जांच कर रही पुलिस को केस में एक नया पहलू मिला है कि क्या बच्ची की मौत से पहले ही इस प्रेमी जोड़े ने इन विट्रो फर्टिलाइज़ेशन (IVF) की प्रक्रिया शुरू कर दी थी।

दरअसल, बेंगलुरु पुलिस ने बच्ची के असली पिता की शिकायत पर जब मामले की जांच शुरू की तो पाया कि बच्ची की मां वकील प्रियंका पी और उसके कथित प्रेमी मोहन एमजी एक IVF सेंटर जाते रहे हैं, जहां वो बेबी प्लान कर रहे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक प्रियंका और मोहन लगातार एक अस्पताल जा रहे थे जहाँ IVF प्रक्रिया के तहत कथित तौर पर एग सैंपल लिया गया था। इसके बाद पुलिस का शक गहरा हो गया कि कहीं बच्ची के रंग की वजह से तो इस जोड़ी ने उसकी हत्या नहीं कर दी? हालांकि, पुलिस इस निष्कर्ष पर अभी नहीं पहुंच सकी है और मामले की जांच जारी है।

पांच दिन की पुलिस हिरासत में आरोपी मां

इस बीच, पुलिस ने सात दिनों की तलाश के बाद आरोपी वकील प्रियंका को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया है। उसे बेंगलुरु से लगभग 220 किलोमीटर दूर हासन जिले के सकलेशपुर में एक फार्महाउस से दबोचा गया। पुलिस ने बताया कि फरार रहने के दौरान उसने कथित तौर पर दो बार अपनी जगह बदली थी। वह पहले सकलेशपुर के बाहरी इलाके में एक सुनसान कमर्शियल रिसॉर्ट में दो-तीन दिन रुकी और फिर एक कॉमन परिचित, चिरू के फार्महाउस में चली गई। अदालत ने प्रियंका को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

मोहन के साथ मिलकर बेटी की हत्या की

यह मामला तब सामने आया, जब प्रियंका के अलग हो चुके पति प्रवीण ने 4 जून को कडुगोडी पुलिस स्टेशन में उसके और मोहन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। इसके तुरंत बाद मोहन को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद पुलिस पूछताछ के दौरान, मोहन ने कथित तौर पर कार के अंदर बच्ची के साथ मारपीट करने गला घोंटकर उसकी हत्या करने की बात कबूल कर ली। ​​पुलिस अब प्रियंका से कथित साजिश, अपराध के पीछे के मकसद और बच्ची की मौत में उसकी भूमिका (यदि कोई हो) के बारे में पूछताछ कर रही है। जांचकर्ता इन आरोपों की भी जांच कर रहे हैं कि प्रियंका का अपनी बेटी के रंग-रूप से कथित असंतोष इस अपराध के पीछे एक संभावित कारण तो नहीं है?

पुलिस ने जांच में की कोताही, ऐक्शन

इस बीच, बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर सीमांत कुमार सिंह ने कहा कि शुरुआती जांच में कुछ कमियां पाई गईं और इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा, "जांच में कुछ कमियां थीं। हमने उन कमियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस मामले में एक रिपोर्ट मिली है और हमने उस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है।" मामले में जांच अधिकारी को बदल दिया गया है और मामला अब दूसरे डिवीजन के ACP-स्तर के अधिकारी को सौंप दिया गया है।

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Pramod Praveen

लेखक के बारे में

Pramod Praveen

प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।

अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन' रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम 'मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन' है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।

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