
Goa Night Club Fire: गोवा के नाइटक्लब में चल रहा था डांस, डांसर ने बताई आग लगने की पूरी कहानी; वीडियो भी आया सामने
Goa Night Club Fire: गोवा नाइटक्लब में आग लगने का वीडियो सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि कजाक डांसर का प्रोग्राम चल रहा था। तभी छत से आग लग गई। मिनटों में आग पूरे क्लब में फैल गई।
Goa Night Club Fire: गोवा के एक नाइटक्लब में भीषण आग लगने की वजह से 25 लोगों की मौत हो गई। आग लगने की वजहों की जांच अब भी चल रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें देखा जा सकता है कि लोग 'महबूबा-महबूबा' गाने पर कैबरे डांस का मजा ले रहे थे। तभी छत में आग लग गई। कुछ सेकंड्स में ही आग तेजी से फैल गई। नाइटक्लब में डांस करने वाली कजाक डांसर ने खुद बताया कि किसी तरह से उसकी जान बची। घटना के बारे में बताते हुए वह रो पड़ी।
प्रोफेशनल डांसर क्रिस्टीना ने बताया कि बड़ी किस्मत की वजह से उनकी जान बच पाई है। बर्च बाइ रोमियो लेन नाइटक्लब क्रिस्टीना अपनी दूसरी पर्फॉर्मेंस दे रही थीं कि तभी छत में आग लगती दिखाई दी। ऐसा लगा जैसे कि शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी हो। क्रिस्टीना ने बताया, शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। मैं हैरान थी। अचानक म्यूजिक बंद हो गया। मैं समझ ही नहीं पा रही थी कि क्या हुआ। मैं भागने का रास्ता देखने लगी। मैं कांप रही थी और रो रही थी।
तीन अधिकारी सस्पेंड
अग्निकांड के बाद नाइटक्लब के मामलीक सौरभ लूथरा और जनरल मैनेजर विवेक सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसतके अलावा गोवा सरकार के तत्कालीन पंचायत निदेशक समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को नाइट क्लब में आग के मामले में रविवार को निलंबित कर दिया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्लब को 2023 में परिचालन शुरू करने की अनुमति देने में इन अधिकारियों की भूमिका के लिए उन्हें निलंबित कर दिया गया।
अग्निकांड में मारे गए सभी 25 पीड़ितों की पहचान कर ली गई है, जिनमें 20 कर्मचारी और पांच पर्यटक शामिल हैं। आग में मारे गए पांच पर्यटकों में से चार दिल्ली के थे, जिनमें एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल थे। पांचवां पर्यटक कर्नाटक का था। दिल्ली के चार पर्यटकों की पहचान सरोज जोशी, अनीता जोशी, कमला जोशी और विनोद कुमार के रूप में हुई है। उनकी पहचान रविवार को उनकी रिश्तेदार भावना जोशी ने की।
सरकार ने बताया कि इस घटना में मारे गए एक अन्य पर्यटक की पहचान कर्नाटक के इशाक के रूप में हुई है। सरकार ने बताया कि उसकी पहचान उसके पिता एम. डी. हुसैन ने की।सूची के अनुसार, मृतकों में से 20 नाइटक्लब के कर्मचारी थे, जिनमें उत्तराखंड के पांच, नेपाल के चार, झारखंड और असम के तीन-तीन, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के दो-दो और पश्चिम बंगाल का एक व्यक्ति शामिल है।
मृतकों (कर्मचारियों) में सबसे अधिक संख्या उत्तराखंड के लोगों की है, जिनकी पहचान जितेंद्र सिंह, सतीश सिंह, सुरेंद्र सिंह, सुमित नेगी और मनीष सिंह के रूप में हुई है। चार नेपाली नागरिकों की पहचान चूर्ण बहादुर पुन, विवेक कटवाल, सबिन और सुदीप के रूप में हुई है।मृतकों में महाराष्ट्र के डोमिनिक और मनोज जोरा, जबकि उत्तर प्रदेश के रोहन सिंह और सुनील कुमार शामिल हैं। दार्जिलिंग (पश्चिम बंगाल) के एकमात्र पीड़ित की पहचान सुभाष छेत्री के रूप में हुई है। इसमें झारखंड के मोहित, प्रदीप महतो और बिनोद महतो, जबकि असम के तीन लोग मनोजित मल, राहुल तांती और दिगंबर पातिर शामिल हैं।





