
'बताना चाहिए था कि G-20 की मेजबानी इतनी मुश्किल है', रामफोसा ने पीएम मोदी से क्या कहा
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, 'हमने आपके जी-20 आयोजन से बहुत कुछ सीखा। आपका आयोजन तो शानदार था। हमारा उसकी तुलना में बहुत छोटा है।' इस पर पीएम मोदी ने तुरंत जवाब दिया, 'छोटा ही हमेशा खूबसूरत होता है।'
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने जोहान्सबर्ग में शिखर सम्मेलन के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि नई दिल्ली को पहले बता देना चाहिए था कि जी-20 की मेजबानी करना इतना मुश्किल काम है। दक्षिण अफ्रीका ने अफ्रीका में पहली बार जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। रामफोसा ने रविवार को ही सम्मेलन का औपचारिक समापन किया। उन्होंने कहा कि अब जी-20 की अध्यक्षता अमेरिका को सौंप दी गई है। उन्होंने जी-20 का गेवल बजाकर सम्मेलन बंद किया।
सिरिल रामफोसा और पीएम मोदी के बीच द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, निवेश, खनन, क्रिटिकल मिनरल्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और खाद्य सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। भारत-दक्षिण अफ्रीका प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में राष्ट्रपति रामफोसा ने जी-20 लीडर्स समिट की मेजबानी में भारत के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा, 'जी-20 की मेजबानी में भारत ने जो समर्थन दिया, उसके लिए धन्यवाद। आप लोगों को पहले बता देना चाहिए था कि यह इतना कठिन काम है, शायद हम भाग जाते।' उनकी इस बात पर प्रधानमंत्री मोदी और कमरे में मौजूद सभी लोग हंस पड़े।
भारत मंडपम में 18वां जी-20 शिखर सम्मेलन
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, 'हमने आपके जी-20 आयोजन से बहुत कुछ सीखा। आपका आयोजन तो शानदार था। हमारा उसकी तुलना में बहुत छोटा है।' इस पर पीएम मोदी ने तुरंत जवाब दिया, 'छोटा ही हमेशा खूबसूरत होता है।' सितंबर 2023 में भारत ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वां जी-20 शिखर सम्मेलन आयोजित किया था। भारत की अध्यक्षता के दौरान ही अफ्रीकी संघ को जी-20 का स्थायी सदस्य बनाया गया था। रामफोसा से मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, 'जोहान्सबर्ग में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा से बहुत अच्छी मुलाकात हुई।' उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने भारत-दक्षिण अफ्रीका साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की।





