कोर्ट ने भाई-बहन को सुना दी मौत की सजा, बाल्टी में भरकर रख दी थी पिता की लाश
हैदराबाद की एक अदालत ने पिता की हत्या के मामले में भाई-बहन को मौत की सजा सुना दी है। इसके अलावा भाई की पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। पेंशन की लालच में उन लोगों ने पिता की हत्या कर शव को बाल्टी में भरकर रखा था।

हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने भाई-बहन दोनों को फांसी की सजा सुना दी है। उन दोनों पर अपने ही पिता की हत्या का आरोप था। जानकारी के मुताबिक आरोपियों के पिता रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी थे। अदालत ने भाई-बहन को मौत की सजा सुनाने के साथ ही मृतक की बहू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पेंशन के लिए हत्या, शव को काटकर बाल्टी में रखा
आरोप है कि 70 वर्षीय व्यक्ति की हत्या उसके परिवार के सदस्यों ने पेंशन लाभ हासिल करने के लिए की थी। उन्होंने उनके भोजन में जहर मिलाकर उन्हें खिलाया और बाद में शव के कई टुकड़े करके उसे घर में बाल्टियों में भरकर रख दिया, क्योंकि उसे ठिकाने नहीं लगा पा रहे थे। मल्काजगिरि स्थित प्रधान जिला न्यायाधीश न्यायालय ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया और मृतक के बेटे (47) और बेटी (36) को मौत की सजा सुनाई, जबकि उसकी पत्नी (65) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जिस व्यक्ति की हत्या की गई वह 2000 तक मालगाड़ी चालक के रूप में कार्यरत था और उसने चिकित्सा कारणों से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। तीनों आरोपियों ने उसकी पेंशन और घर पर कब्जा करने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची। हालांकि, घर से दुर्गंध आने के बाद 18 अगस्त, 2019 को कुछ स्थानीय निवासियों ने संदेह होने पर घर में प्रवेश किया तो उन्हें वहां मानव अवशेष मिले। बाद में उन्होंने पुलिस को सूचना दी। तीनों आरोपियों को 21 अगस्त, 2019 को गिरफ्तार कर लिया गया था।
नाबालिग लड़कियों के गायब होने पर भड़का हाई कोर्ट
उधर इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंड पीठ ने उत्तर प्रदेश की राजधानी में नाबालिग लड़कियों के लापता होने के बढ़ते मामलों को गंभीरता से लेते हुए सोमवार को पुलिस की कार्यप्रणाली पर चिंता व्यक्त की और वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे मामलों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने पुलिस उपायुक्त (पूर्वी) को तीन दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया तथा उनके अधिकार क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों, सर्किल अधिकारियों और जांच अधिकारियों को अगली सुनवाई पर अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी। जस्टिस वीण कुमार गिरि ने शहर के विभिन्न थानों में इसी प्रकार की घटनाओं को लेकर लखनऊ पुलिस आयुक्त से भी स्पष्टीकरण मांगा। अदालत ने कहा कि नाबालिग लड़कियों के जीवन और स्वतंत्रता से जुड़े मामलों में पुलिस को अधिक सतर्कता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।
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लेखक के बारे में
Ankit Ojhaविद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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