Hindi NewsIndia Newscouldnt even tell alive in Iran Indian flag helped harrowing experiences of students who returned to India
ईरान में जिंदा हैं, यह भी नहीं बता पा रहे थे, तिरंगे ने की मदद; भारत लौटे छात्रों ने सुनाई आपबीती

ईरान में जिंदा हैं, यह भी नहीं बता पा रहे थे, तिरंगे ने की मदद; भारत लौटे छात्रों ने सुनाई आपबीती

संक्षेप:

तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र आमिर ने बताया कि वहां कई हफ्तों से सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। तेहरान और तब्रीज जैसे बड़े शहरों में एक तरह से कर्फ्यू लगा है। ऐसे में जरूरी चीजों की किल्लत हैै।

Jan 18, 2026 07:33 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, आशीष सिंह, नई दिल्ली।
share Share
Follow Us on

ईरान की राजधानी तेहरान की सड़कों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल गश्त कर रहे हैं। दुकानें बंद हैं। खौफ में लोग घरों में कैद हैं। इंटरनेट और फोन सेवाएं ठप होने से परिजनों को यह भी नहीं बता पा रहे थे कि हम ईरान में जिंदा है या नहीं। यह कहना है, शुक्रवार देर रात ईरान से दिल्ली लौटे भारतीय छात्रों का। छात्रों ने बताया कि अराक, कौम, शिराज, मशहद व तेहरान जैसे शहरों में हालात गंभीर हैं।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

इनमें शामिल जोया सैय्यद ने बताया कि मैं तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस चौथे वर्ष की छात्रा हूं। देखते ही देखते वहां के हालात अस्थिर हो गए। अब भविष्य को लेकर चिंता सता रही है कि वहां कब वापसी होग। जैसे ही यहां विमान से उतरी तो मेरे साथ परिवार ने भी राहत की सांस ली। उन्होंने बताया कि वहां बार-बार इंटरनेट बंद किया जा रहा है। ऐसे में घर वालों से बात नहीं हो पा रही थी तो परिजन भी चिंतित थे। हालांकि, सभी भारतीय सुरक्षित हैं। वहां अब धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं।

तेहरान मेडिकल यूनिवर्सिटी के छात्र आमिर ने बताया कि वहां कई हफ्तों से सरकार-विरोधी प्रदर्शन जारी हैं। तेहरान और तब्रीज जैसे बड़े शहरों में एक तरह से कर्फ्यू लगा है। ऐसे में जरूरी चीजों की किल्लत हैै। सर्वाधिक परेशानी लड़कियों को हो रही है। वे दहशत में हैं।

बच्चों को देख अभिभावकों की आंखों से छलके आंसू

ईरान में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच कई भारतीय वाणिज्यिक उड़ानों से स्वदेश लौट रहे हैं। वापस आए कई भारतीय चिंता से घिरे दिखे। अली नकवी उन 12-13 यात्रियों के समूह में शामिल थे, जो वाणिज्यिक उड़ान से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि हम बड़ी मुश्किल से वापस लौट पाए हैं। हवाई अड्डे पर कुछ अभिभावकों ने ईरान से लौटे अपने बच्चों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया। एक पिता ने अपनी बेटी को सीने से लगा लिया। इस दौरान आंखों से खुशी और राहत के आंसू छलक पड़े।

तिरंगा देख सुरक्षाकर्मियों ने मदद की

ईरान से शुक्रवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट लौटे छात्रों ने बताया कि जब वह वहां से निकल रहे थे, तो जगह-जगह पर भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात था। तिरंगा देख जवान हर मदद करने को तैयार थे। शबूर अली ने कहा, विश्वविद्यालयों को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। युवाओं के एक ग्रुप ने बतायाा कि वहां तरह-तरह की अफवाहें फैल रही हैं। इससे वहां के हालात और बिगड़ रहे हैं। छात्रों में घबराहट है।

नौगावां लौटीं दो छात्राएं

ईरान से वतन वापसी करने वाली अमरोहा की युसरा और अर्श ने वहां के जो हालात बयां किए हैं, उसने रूह कंपा दी। मोहल्ला बंगला निवासी युसरा बतूल और मोहल्ला शाह फरीद निवासी अर्श ने बताया, उन्होंने दो माह पहले ही एमबीबीएस में प्रवेश लिया था, पर सपने पूरे होने से पहले वहां हालात बिगड़ गए। वहीं, ईरान में गाजियाबाद के डीएलएफ कॉलोनी निवासी मर्चेंट नेवी इंजीनियर केतन मेहता भी फंसे हैं। अब उनके आने की उम्मीद भी बढ़ गई है।

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha
कंप्यूटर साइंस में पोस्ट ग्रैजुएट हिमांशु शेखर झा करीब 9 वर्षों से बतौर डिजिटल मीडिया पत्रकार अपनी सेवा दे रहे हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश के अलावा राष्ट्रीय राजनीति पर अच्छी पकड़ है। दिसंबर 2019 में लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े। इससे पहले दैनिक भास्कर, न्यूज-18 और जी न्यूज जैसे मीडिया हाउस में भी काम कर चुके हैं। हिमांशु बिहार के दरभंगा जिला के निवासी हैं। और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।