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पालक पनीर पर विवाद, कोर्ट तक पहुंच गया मामला; 1.6 करोड़ रुपये में हुई सुलह

पालक पनीर पर विवाद, कोर्ट तक पहुंच गया मामला; 1.6 करोड़ रुपये में हुई सुलह

संक्षेप:

अमेरिका की यूनिवर्टी में पीएचडी करने वाले दो भारतीय स्टूडेंट्स को पालक पनीर की वजह से पढ़ाई बीच में छोड़कर भारत लौटना पड़ा। पालक पनीर गर्म करने के दौरान विवाद हो गया और मामला कोर्ट तक पहुंच गया 

Jan 13, 2026 11:23 pm ISTAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहे दो भारतीय स्टूडेंट्स को पालक पनीर को लेकर शुरू हुए विवाद की वजह से पढ़ाई छोड़कर भारत लौटना पड़ा। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद विश्वविद्यालय दोनों स्टूडेंट्स को 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.6 करोड़ रुपये देने को राजी हुआ है। आदित्य प्रकाश कोलोराडो बोल्डर विश्वविद्यालय में एंथ्रोपॉलजी में पीएचडी कर रहे थे। घटना 5 सितंबर 2023 की है। वह लंच में पालक पनीर लेकर आए थे और अपने डिपार्टमेंट के माइक्रोवेव में गर्म कर रहे थे। तभी एक कर्मचारी उनके पास आया और कहा कि इसकी गंध बहुत खराब है और इसे गर्म करना तुरंद बंद कर दें।

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आदित्य प्रकाश ने कहा, यह केवल खाना है और इससे कोई नुकसान नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा, इसे गर्म करके तुरंत मैं यहां से चला जाऊंगा। उनके ही साथ पढ़ने वालीं भारतीय पीएचडी स्कॉलर उर्मी भट्टाचार्य को भी इस घटना की वजह से काफी परेशानी झेलनी पड़ी और अंत में भारत लौटना पड़ा। मामला कोर्ट पहुंच गया और दो साल बाद फैसला यह हुआ कि यूनिवर्सिटी दोनों को केवल मास्टर्स डिग्री देगी और भविष्य में उन्हें ना तो ऐडमिशन देगी और ना किसी तरह की नौकरी। वहीं यूनिवर्सिटी की तरफ से दोनों को 2 लाख डॉलर दिए जाएंगे।

इसी महीने आदित्य प्रकाश और उर्मी भट्टाचार्या भारत लौट आए हैं। दोनों ने कोलोराडो की जिला अदालत का दरवाजा खटखटाया था और कहा था कि यूनिवर्सिटी में दक्षिण एशिया से आने वाले लोगों के साथ भेदभाव किया जाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोगों को अपना लंच बॉक्स खोलने के लिए भी अकेले में जाना पड़ता है। इस वजह से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

आदित्य प्रकाश ने कहा कि इस घटना के बाद कई बार सीनियर फैकल्टी की मीटिंग बुलाई गई और उनके खिलाफ ऐक्शन लेने की बात कही जाती थी। उनपर आरोप लगाया जाता है कि उनकी वजह से कर्मचारी असुरक्षित महसूस करते हैं।

उर्मी भट्टाचार्या ने कहा कि बिना किसी चेतावनी के ही उनसे टीचिंग असिस्टेंटशिप छीन ली गई। उनसे कहा गया कि जब दो दिन बाद और भी भारतीय स्टूडेंट लंच लेकर आए तो उनपर दंगे भड़काने का आरोप लगाया गया। आदित्य प्रकाश भोपाल और उर्मी भट्टाचार्या कोलकाता की रहने वाली हैं। आदित्य प्रकाश को पीएचडी के लिए ग्रांट मिलती थी और उर्मी अमेरिका में मैरिटल रेप पर शोध कर रही थीं। उनका कहना है कि अमेरिका में पढ़ने के लिए उनके मां-बाप ने जीवनभर की कमाई लगा दी।

आदित्य प्रकाश ने कहा कि पालक पनीर गर्म करने के बाद ही जैसे दुनिया बदल गई। उन्होंने कहा कि वहां ब्रॉकली को भी गर्म करना मना था। उन्होंने कहा कि उनके डिपार्टमेंट के ही 30 से ज्यादा छात्रों ने बयान जारी कर उनका समर्थन किया था और कहा था कि यहां खाने-पीने और संस्कृति कि विविधिता के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए।

Ankit Ojha

लेखक के बारे में

Ankit Ojha
अंकित ओझा पिछले 8 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। अंकित ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से स्नातक के बाद IIMC नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है। इसके बाद कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर डिग्री हासिल की है। राजनीति, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय डेस्क पर कार्य करने का उनके पास अनुभव है। इसके अलावा बिजनेस और अन्य क्षेत्रों की भी समझ रखते हैं। हिंदी, अंग्रेजी के साथ ही पंजाबी और उर्दू का भी ज्ञान है। डिजिटल के साथ ही रेडियो और टीवी के लिए भी काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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