
एपस्टीन फाइल्स में चौंका रहा दलाई लामा का नाम, अब उनकी ओर से आया क्या बयान
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने रविवार को कहा कि 'दलाई लामा की पूजनीय संस्था' को निराधार बयानों या दुर्भावनापूर्ण अटकलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। खांडू ने यह बयान उन खबरों के जवाब में दिया जिनमें दावा किया गया था कि दलाई लामा का नाम एप्स्टीन की फाइलों में सामने आया है।
14वें दलाई लामा कभी भी विवादित जेफरी एडवर्ड एपस्टीन से नहीं मिले है। दलाई लामा के कार्यालय ने रविवार को हाल की मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट को 'झूठा और बेबुनियाद' बताया, जिनमें तिब्बती आध्यात्मिक नेता को एपस्टीन से जोड़ने की कोशिश की गई थी। बयान में रिपोर्ट्स और ऑनलाइन पोस्ट को गुमराह करने वाला बताते हुए कहा गया कि बिना किसी तथ्यात्मक आधार के मनगढ़ंत संबंध बनाने की कोशिश की जा रही है।
दलाई लामा के कार्यालय से जारी एक बयान में साफ किया गया कि परम पावन कभी जेफरी एपस्टीन से नहीं मिले और न ही उन्होंने किसी को अपनी ओर से उनसे मिलने या बातचीत करने के लिए अधिकृत किया।
मुख्यमंत्री भी भड़के
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने रविवार को कहा कि 'दलाई लामा की पूजनीय संस्था' को निराधार बयानों या दुर्भावनापूर्ण अटकलों में नहीं घसीटा जाना चाहिए। खांडू ने यह बयान उन खबरों के जवाब में दिया जिनमें दावा किया गया था कि दलाई लामा का नाम एप्स्टीन की फाइलों में सामने आया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'गलत सूचना के माध्यम से एक पवित्र आध्यात्मिक संस्था को बदनाम करने के प्रयास बेहद गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय हैं।'
क्या हैं एपस्टीन फाइल्स
हाल ही में अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने एपस्टीन से जुड़ी कई फाइल जारी की थीं। दस्तावेजों के अनुसार, एफबीआई ने जुलाई 2006 में एपस्टीन के मामले में जांच शुरू की थी। अभियोग लगने के एक महीने बाद अगस्त 2019 में एपस्टीन ने न्यूयॉर्क की एक जेल में आत्महत्या कर ली थी।
जनवरी में विभाग ने कहा कि वह एपस्टीन के खिलाफ दो दशक से अधिक समय तक की गई जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री को सार्वजनिक करने के उद्देश्य से 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज, 2,000 से ज्यादा वीडियो और 1,80,000 तस्वीरें जारी करेगा।
इन दस्तावेजों को एपस्टीन फाइल पारदर्शिता अधिनियम के तहत सार्वजनिक किया गया है, जो महीनों के सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद लागू किया गया कानून है। इसके तहत सरकार को दिवंगत फाइनेंसर और उनकी विश्वासपात्र और एक समय की प्रेमिका, घिसलेन मैक्सवेल से संबंधित फाइलों को सार्वजनिक करना अनिवार्य है।
न्यूयॉर्क की एक संघीय जूरी ने 2021 में ब्रिटिश सोशलाइट मैक्सवेल को यौन तस्करी का दोषी पाया, क्योंकि उसने कुछ नाबालिग पीड़ितों को भर्ती करने में मदद की थी। फ्लोरिडा की एक संघीय जेल से टेक्सास के एक जेल शिविर में स्थानांतरित होने के बाद, वह वहां 20 साल की सजा काट रही है। हालांकि, मैक्सवेल ने किसी भी गलत कार्य में संलिप्त होने से इनकार किया है।

लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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