खराब हेयर कटिंग पर कंज्यूमर फोरम ने ठोका 2 करोड़ का जुर्माना, SC ने घटाकर 25 लाख किया

Feb 10, 2026 06:42 am ISTHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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इसके बाद, रॉय ने उपभोक्ता फोरम का रुख किया और सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए लिखित माफी के साथ-साथ उत्पीड़न, अपमान और मानसिक आघात के लिए 3 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की।

खराब हेयर कटिंग पर कंज्यूमर फोरम ने ठोका 2 करोड़ का जुर्माना, SC ने घटाकर 25 लाख किया

सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद चर्चित मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के उस फैसले को आंशिक रूप से पलट दिया है जिसमें दिल्ली के प्रतिष्ठित होटल आईटीसी मौर्य को एक मॉडल के खराब हेयरकट के लिए 2 करोड़ रुपये का भारी-भरकम मुआवजा देने का आदेश दिया गया था। जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने स्पष्ट किया कि करोड़ों रुपये के मुआवजे का दावा विश्वसनीय सबूतों द्वारा समर्थित नहीं था।

अदालत ने कहा, "मुआवजा केवल अनुमानों या शिकायतकर्ता की सनक और इच्छाओं के आधार पर नहीं दिया जा सकता है। विशेष रूप से जब दावा करोड़ों रुपये का हो तो हर्जाना साबित करने के लिए विश्वसनीय सबूत पेश किए जाने चाहिए।"अदालत ने मुआवजे की राशि को घटाकर 25 लाख रुपये कर दिया है। यह राशि मॉडल को पहले ही जारी की जा चुकी थी।

क्या था पूरा मामला?

यह मामला अप्रैल 2018 का है। मॉडल आशना रॉय एक इंटरव्यू के लिए जाने वाली थीं। उससे पहले वह नई दिल्ली के आईटीसी मौर्य होटल के सैलून में हेयरकट के लिए गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बालों को निर्देश से बहुत छोटा काट दिया गया। इसके बाद होटल ने उन्हें मान-मनौव्वल के लिए मुफ्त उपचार की पेशकश की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। हालांकि, रॉय ने बाद में दावा किया कि उस उपचार से उनके बालों और खोपड़ी को नुकसान पहुंचा।

इसके बाद, रॉय ने उपभोक्ता फोरम का रुख किया और सेवा में कमी का आरोप लगाते हुए लिखित माफी के साथ-साथ उत्पीड़न, अपमान और मानसिक आघात के लिए 3 करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग की।

NCDRC के फैसले पर क्या बोला SC?

सितंबर 2021 में NCDRC ने आईटीसी को सेवा में कमी का दोषी पाया और रॉय को 2 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। होटल ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। फरवरी 2023 में शीर्ष अदालत ने सेवा में कमी के निष्कर्ष को तो बरकरार रखा, लेकिन मुआवजे की राशि को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा था कि इतनी अधिक राशि को सही ठहराने के लिए रिकॉर्ड में कोई सामग्री नहीं है। मामले को हर्जाने का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए आयोग के पास वापस भेज दिया गया था।

दूसरी बार सुप्रीम कोर्ट का रुख

मामला दोबारा NCDRC के पास जाने पर मॉडल ने अपना दावा बढ़ाकर 5.2 करोड़ रुपये कर दिया और यह दिखाने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज पेश किए कि उन्होंने महत्वपूर्ण पेशेवर अवसर खो दिए हैं। NCDRC ने 9% प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ 2 करोड़ रुपये के दंड को फिर दोहराया। इसके बाद आईटीसी को दोबारा सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।

मामले की ताजा सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यह कोई ऐसा मामला नहीं था जहां मुआवजे का निर्धारण किसी अनुमान के आधार पर किया जा सके। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता को सेवा में कमी के कारण हुए वास्तविक नुकसान को साबित करना था।

अदालत ने गौर किया कि शिकायतकर्ता ने अपने दावे का समर्थन करने के लिए मुख्य रूप से ईमेल, प्रमाणपत्रों और संचार की फोटोकॉपी पर भरोसा किया था। अदालत ने कहा, "दस्तावेजों की केवल फोटोकॉपी पेश करके नुकसान साबित नहीं किया जा सकता है। अपीलकर्ता (आईटीसी) द्वारा बताई गई फोटोकॉपी में विसंगतियां भी नोट की गई हैं। इस प्रकार मामले के दोबारा मूल्यांकन के बाद भी शिकायतकर्ता इतनी बड़ी राशि के मुआवजे का मामला बनाने में सक्षम नहीं रही है।"

Himanshu Jha

लेखक के बारे में

Himanshu Jha

बिहार के दरभंगा जिले से ताल्लुक रखने वाले हिमांशु शेखर झा डिजिटल मीडिया जगत का एक जाना-माना नाम हैं। विज्ञान पृष्ठभूमि से होने के बावजूद (BCA और MCA), पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून के कारण उन्होंने IGNOU से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया और मीडिया को ही अपना कर्मक्षेत्र चुना।


एक दशक से भी अधिक समय का अनुभव रखने वाले हिमांशु ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों जैसे दैनिक भास्कर, न्यूज़-18 और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में, वे वर्ष 2019 से लाइव हिन्दुस्तान के साथ जुड़े हुए हैं।


हिमांशु की पहचान विशेष रूप से राजनीति के विश्लेषक के तौर पर होती है। उन्हें बिहार की क्षेत्रीय राजनीति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति की गहरी और बारीक समझ है। एक पत्रकार के रूप में उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों और कई विधानसभा चुनावों को बेहद करीब से कवर किया है, जो उनके वृहद अनुभव और राजनीतिक दृष्टि को दर्शाता है।


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