
बिहार में करारी हार के बाद अब क्या करेगी कांग्रेस पार्टी? बुलाई गई अर्जेंट मीटिंग
संक्षेप: 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और सचिवों की समीक्षा बैठक 18 नवंबर को इंदिरा भवन में होगी।
बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार और वोट चोरी के मुद्दे के बीच कांग्रेस ने मंगलवार को उन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रभारियों, राज्य इकाई प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और सचिवों की समीक्षा बैठक बुलाई है, जहां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कवायद जारी है। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के शुक्रवार को आए नतीजे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने 202 सीट पर बंपर जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन को 35 सीट से संतोष करना पड़ा।

इससे पहले शनिवार को नतीजों की समीक्षा के लिए हुई बैठक में भी पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी सहित पार्टी के शीर्ष नेताओं की निर्वाचन आयोग (ईसी) की भूमिका पर सवाल उठाया था। पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इन 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी प्रभारियों, प्रदेश कांग्रेस कमेटी प्रमुखों, कांग्रेस विधायक दल के नेताओं और सचिवों की समीक्षा बैठक 18 नवंबर को इंदिरा भवन में होगी।
चुनाव आयोग दी जानकारी
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि 9 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 51 करोड़ मतदाताओं में से 50 करोड़ से ज़्यादा मतदाताओं को मतदाता सूची की चल रही एसआईआर प्रकिया के तहत गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके हैं। अपने दैनिक SIR बुलेटिन में आयोग ने कहा कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50.11 करोड़ गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। दूसरे शब्दों में, 50.99 करोड़ मतदाताओं में से 98.32 प्रतिशत को आंशिक रूप से भरे हुए प्रपत्र प्राप्त हुए हैं।
कहां-कहां होगा SIR?
बता दें कि फिलहाल छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, और लक्षद्वीप में SIR की प्रक्रिया कराने की योजना है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। असम में भी अगले साल विधानसभा चुनाव होना है। आयोग ने पूर्वोत्तर के इस राज्य के लिए ‘विशेष पुनरीक्षण’ की घोषणा की है।





