'पीएम मोदी चाहते हैं कि युवा रील बनाते रहें', सार्थक सिद्धांत से मिलकर क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने हिंदी पोस्ट में लिखा कि सार्थक की सोच, हिम्मत और मूल्यों की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि केवल 18 वर्ष की उम्र में सार्थक ने व्यवस्था से सवाल पूछने का साहस दिखाया और जवाब भी खोज निकाले।

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने ओएसएम टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं का खुलासा करने वाले छात्र सार्थक सिद्धांत और उनके सहयोगी निसर्ग अधिकारी की सराहना की। राहुल गांधी ने कहा कि इन दोनों युवाओं ने वह काम कर दिखाया है जो बड़े मीडिया संस्थान और जांच एजेंसियां भी नहीं कर सकीं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सार्थक सिद्धांत के साथ हुई अपनी हालिया मुलाकात का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने 18 वर्षीय छात्र की जिज्ञासा, साहस और सिद्धांतों की प्रशंसा की।
राहुल गांधी ने अपने हिंदी पोस्ट में लिखा कि सार्थक की सोच, हिम्मत और मूल्यों की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि केवल 18 वर्ष की उम्र में सार्थक ने व्यवस्था से सवाल पूछने का साहस दिखाया और जवाब भी खोज निकाले। राहुल गांधी ने दावा किया कि सार्थक सिद्धांत और 19 वर्षीय निसर्ग अधिकारी ने सीबीएसई की ओएसएम टेंडर प्रक्रिया की जांच कर देश की प्रमुख जांच एजेंसी सीबीआई से भी तेज और प्रभावी काम किया। उन्होंने इसे युवाओं की जीत और सरकार की हार बताया।
राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
इस मुद्दे को लेकर राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी चाहते हैं कि देश के युवा केवल रील बनाएं और पकौड़े तलें, लेकिन सवाल न पूछें। राहुल गांधी के अनुसार, लोकतंत्र में युवाओं का जागरूक और सवाल पूछने वाला होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि सार्थक और निसर्ग भारत की वास्तविक युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो जिज्ञासु, जागरूक और जानकारी से लैस है। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि देश का भविष्य ऐसे युवाओं के हाथों में सुरक्षित रहेगा और उसे गुमराह नहीं किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि यह विवाद सीबीएसई की ओर से कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन के लिए पारंपरिक प्रणाली की जगह डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम लागू करने से जुड़ा है। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया था कि बोर्ड की अपलोड की गई स्कैन की गई आंसर शीट उनकी लिखावट से मेल नहीं खातीं, जिससे आंसर शीट के संभावित अदला-बदली की आशंका पैदा हुई। इस विवाद के बाद सरकार ने CBSE के 2 अधिकारियों को पद से हटा दिया, हालांकि कांग्रेस ने इसे मामले को दबाने की कोशिश बताया है।
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Niteesh Kumarपत्रकार नीतीश कुमार 8 साल से अधिक समय से मीडिया इंडस्ट्री में एक्टिव हैं। जनसत्ता डिजिटल से बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर शुरुआत हुई। लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ने से पहले टीवी9 भारतवर्ष और दैनिक भास्कर डिजिटल में भी काम कर चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को खबरें लिखने के साथ ग्राउंड रिपोर्टिंग का शौक है। लाइव हिन्दुस्तान यूट्यूब चैनल के लिए लोकसभा चुनाव 2024, दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की कवरेज कर चुके हैं। फिलहाल लाइव हिन्दुस्तान के लिए नेशनल और इंटरनेशनल सेक्शन की खबरें लिखते हैं। पत्रकार नीतीश कुमार को ब्रेकिंग न्यूज लिखने के साथ खबरों का गहराई से विश्लेषण करना पसंद है। राजनीति से जुड़ी खबरों पर मजबूत पकड़ और समझ रखते हैं। समसामयिक राजनीतिक मुद्दों पर कई सारे लंबे लेख लिख चुके हैं। पत्रकार नीतीश कुमार ने पत्रकारिता का पढ़ाई IIMC, दिल्ली (2016-17 बैच) से हुई। इससे पहले दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया। पत्रकार नीतीश कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के रहने वाले हैं। राजनीति, खेल के साथ सिनेमा में भी दिलचस्पी रखते हैं। फिल्में देखना और रिव्यू करना व उन पर चर्चा करना हॉबी है।
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