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नीयत और विश्वसनीयता पर सवाल, SIR के दूसरे फेज पर क्या बोली कांग्रेस; चुनाव आयोग पर आरोप

नीयत और विश्वसनीयता पर सवाल, SIR के दूसरे फेज पर क्या बोली कांग्रेस; चुनाव आयोग पर आरोप

संक्षेप:

कांग्रेस ने सोमवार को एसआईआर के दूसरे चरण पर सवाल उठा दिए। कांग्रेस ने एसआईआर पर चुनाव आयोग की नीयत और विश्वसनीयता पर हमला किया। कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि कई सवालों के जवाब नहीं मिलने और कथित ‘वोट चोरी’ के मामले को देखते हुए एसआईआर करवाए जाने से विपक्ष और जनता संतुष्ट नहीं हैं।

Mon, 27 Oct 2025 10:11 PMDeepak लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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कांग्रेस ने सोमवार को एसआईआर के दूसरे चरण पर सवाल उठा दिए। कांग्रेस ने एसआईआर पर चुनाव आयोग की नीयत और विश्वसनीयता पर हमला किया। कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि कई सवालों के जवाब नहीं मिलने और कथित ‘वोट चोरी’ के मामले को देखते हुए एसआईआर करवाए जाने से विपक्ष और जनता संतुष्ट नहीं हैं। पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि बिहार में एसआईआर से निर्वाचन आयोग और भाजपा की नीयत पूरे देश के सामने आ चुकी है।

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पवन खेड़ा ने एक वीडियो जारी कर कहा कि आज निर्वाचन आयोग ने 12 राज्यों में एसआईआर की घोषणा की। अभी तक बिहार में हुए एसआईआर से जुड़े सवालों के जवाब हमें नहीं मिले हैं। हालात ये थे कि एसआईआर को दुरुस्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट को आगे आना पड़ा। उनका कहना था कि बिहार के एसआईआर से निर्वाचन आयोग और भाजपा की नीयत पूरे देश के सामने आ चुकी है।

एक्स पर क्या-क्या लिखा
पवन खेड़ा ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा है कि एसआईआर के जरिए क्या बिहार को लोकतंत्र की हत्या करने की प्रयोगशाला बनाया गया? 12 राज्यों में जो एसआईआर की घोषणा हुई है, क्या उसके दिशा-निर्देश 2003 के SIR से अलग होंगे? उन्होंने एक और सवाल पूछा कि क्या SIR का यह राउंड भी सिर्फ वोट काटने के लिए है, क्यूंकि बिहार में चुनाव आयोग ने डोर टू डोर करके नए वोटर जोड़ने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए जबकि 65 लाख वोट काट दिए?

कांग्रेस नेता ने कहा कि जब भी एसआईआर होता है, तो निर्वाचन आयोग के कर्मचारी हर घर जाते हैं, नए वोटरों को जोड़ते हैं और जिन्हें हटाना होता है, उन्हें हटाते हैं। राहुल गांधी जी द्वारा आलंद विधानसभा क्षेत्र (कर्नाटक) में ‘वोट चोरी’ का खुलासा किए जाने बाद एसआईटी ने बताया है कि मतदाता सूची से नाम काटने का एक केंद्रीकृत अभियान चलाया जा रहा था। खेड़ा ने कहा कि इन सारे मामलों के बीच ऐसे आयोग द्वारा एसआईआर करवाना संदेह के घेरे में है, जिसकी नीयत, मंशा और विश्वसनीयता पर बहुत बड़ा सवालिया निशान है। जाहिर सी बात है कि विपक्ष और वोटर, दोनों ही संतुष्ट नहीं हैं।

बता दें कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की कवायद शुरू होगी। दूसरे चरण में छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में एसआईआर कराया जाएगा।