
कांग्रेस ‘मिया मुस्लिम’ बहुल सीट की उम्मीदवारी के लिए तीन-चार करोड़ रुपये वसूल रही: हिमंत
सरमा ने सोनितपुर जिले में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं के साथ बातचीत में आरोप लगाया कि जिन सीटों पर मिया-मुस्लिम अधिक हैं, उनके लिए कांग्रेस अपने उम्मीदवारों से तीन से चार करोड़ रुपये लेगी। पिछले चुनावों में भी उसने लगभग इतनी ही रकम ली थी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में ‘मिया-मुस्लिम’ (बांग्ला भाषी मुस्लिम) बहुल निर्वाचन क्षेत्रों से उम्मीदवारी चाहने वाले पार्टी सदस्यों से तीन से चार करोड़ रुपये वसूल रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्टी की ‘प्रणाली’ पैसे पर आधारित है।
सरमा ने सोनितपुर जिले में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं के साथ बातचीत में आरोप लगाया, ‘‘जिन सीटों पर ‘मिया-मुस्लिम’ अधिक हैं, उनके लिए कांग्रेस अपने उम्मीदवारों से तीन से चार करोड़ रुपये लेगी। पिछले चुनावों में भी उसने लगभग इतनी ही रकम ली थी।’’
‘मिया’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, और गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं। हाल के वर्षों में, इस समुदाय के कार्यकर्ताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में इस शब्द को अपनाना शुरू कर दिया है।
असम की 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए 2023 में परिसीमन प्रक्रिया हुई थी और लगभग 25 सीट ‘मिया-मुस्लिम’ बहुल मानी जाती हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया, ‘‘कुछ उम्मीदवारों ने अग्रिम भुगतान भी किया है।’’
सरमा ने टिकट के इच्छुक प्रत्येक आवेदक से 50,000 रुपये का आवेदन शुल्क लेने के लिए कांग्रेस की आलोचना भी की। उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी (कांग्रेस) ने उन सीटों पर अपने सदस्यों को आवेदन शुल्क तक वापस नहीं किया, जहां उसकी सहयोगियों ने पिछली बार चुनाव लड़ा था। उनकी व्यवस्था पैसे पर आधारित है। लेकिन भाजपा में, हम पार्टी टिकट के लिए आवेदन करने के लिए अपने सदस्यों से कोई पैसा या शुल्क नहीं लेते हैं।’’
कांग्रेस ने इस साल मार्च-अप्रैल में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को आवेदन प्रक्रिया शुरू की। कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि टिकट के इच्छुक आवेदकों को बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से 50,000 रुपये जमा करने होंगे। फॉर्म 5 से 20 जनवरी तक प्रदेश पार्टी मुख्यालय में जमा कराए जा सकते हैं।

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Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
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