कांग्रेस ढाल है, इसे हटाया तो सपा का ही होगा नुकसान; अखिलेश से बोले इमरान मसूद
इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव को बड़ा दिल दिखाना होगा। आखिरकार इससे उन्हें यूपी में फायदा ही होगा। अगर अक्टूबर तक गठबंधन पक्का हो जाता है तो हमारे पास मौका है।

इमरान मसूद के उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बनते ही कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन को लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी है। भारतीय जनता पार्टी से जब इस मामले पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो भगवा खेमे ने कहा कि यह बस मुसलमानों को खुश करने की एक कोशिश है। भाजपा ने एक और बात कही जो कि अखिलेश यादव की पार्टी से जुड़ी है। आपको बता दें कि हाल के दिनों में कई मौकों पर इमरान मसूद और सपा में तनातनी की घटना देखने को मिली है।
इस नई जिम्मेदारी की घोषणा से ठीक पहले सीएनएन न्यूज-18 को दिए एक इंटरव्यू में इमरान मसूद ने समाजवादी पार्टी के साथ उनके संबंधों पर खुलकर चर्चा की है। उनसे पूछा गया कि क्या कांग्रेस और सपा के बीच कोई समस्या है? इमरान मसूद ने मतभेद की बात को खारिज कर दिया। साथ ही कहा, ''बीजेपी को हमारी चिंता नहीं करनी चाहिए। बीजेपी सिर्फ चुनाव आयोग की वजह से मैदान में टिकी है। ईसी उनका समर्थन करता है इसलिए उन्हें ताकत महसूस होती है। वरना जमीनी हकीकत यह है कि हर कोई बीजेपी से तंग आ चुका है। असली तस्वीर अब सामने आ रही है।''
सपा के साथ कैसे हैं इमरान मसूद के संबंध?
इस सवाल के जवाब में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, ''पिछले चुनाव में अगर शपा और कांग्रेस के बीच तालमेल बेहतर होता तो नतीजे कुछ और होते। बीजेपी से लड़ना आसान नहीं है। वे साम, दाम, दंड, भेद सभी हथकंडे अपनाते हैं। न तो नैतिकता का पालन किया जाता है और न ही नियमों का। कोई राजनीतिक परंपरा नहीं निभाई जाती। वे जीतने के लिए हर तरीका अपनाते हैं। इसलिए आपको उसी हिसाब से तैयारी करनी होगी और अपने संसाधन जुटाने होंगे।''
कांग्रेस को हटाने का नुकसान सपा को ही: इमरान
इमरान मसूद से सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई जिसमें उन्होंने कहा था कि सीट शेयरिंग के लिए जीत की संभावना को पैमाना बनाना चाहिए। इसपर प्रतिक्रिया देते हुए इमरान मसूद ने कहा, ''जीत की संभावना का सर्टिफिकेट तो सिर्फ चुनाव आयोग ही दे सकता है। कांग्रेस सोडियम की तरह है। जो पानी में आग लगा सकती है। कांग्रेस भले ही छोटी दिखे, लेकिन वह बड़ी भूमिका निभाती है। यह उत्प्रेरक की तरह काम करती है। कांग्रेस एक ढाल है। अगर आप इसे हटाते हैं तो नुकसान सिर्फ आपका ही होगा।''
ममता बनर्जी का दिया उदाहरण
ममता बनर्जी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, ''बंगाल में जो हुआ उसे देखिए। ममता बनर्जी जैसी जुझारू नेता देश में कम ही हैं। लेकिन देखिए क्या हुआ। आज ममता बनर्जी भी यही कह रही हैं कि कांग्रेस के साथ हाथ मिलाने की जरूरत है। जो बात ममता आज कह रही हैं वैसी बात कहने के लिए आपको कल मजबूर न होना पड़े। इसलिए समय रहते कोई फैसला लेना जरूरी है।''
इमरान मसूद ने कहा कि अखिलेश यादव को बड़ा दिल दिखाना होगा। आखिरकार इससे उन्हें यूपी में फायदा ही होगा। अगर अक्टूबर तक गठबंधन पक्का हो जाता है तो हमारे पास मौका है।


