भारत की जगह आयरलैंड… PM मोदी के पॉकेट स्क्वायर पर कांग्रेस को क्या आपत्ति
पीएम मोदी के जैकेट के पॉकेट स्क्वायर को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है। कांग्रेस ने तंज कसते यह भी कहा है कि पीएम मोदी ने उर्दू में तिरंगा पहना है। इससे पहले पीएम मोदी ने अपने संबोधन में विपक्ष पर निशाना साधा था।

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिधान चर्चा में है। इस बार पीएम मोदी के सुर्ख लाल बांधनी साफे ने जहां एक तरफ 2014 की यादें ताजा कर दीं, वहीं दूसरी तरफ अब उनके पॉकेट स्क्वायर को लेकर विवाद शुरू हो गया है। पीएम मोदी के पॉकेट स्क्वायर में तिरंगे के रंगों के क्रम को लेकर कांग्रेस पार्टी ने तंज कसा है।
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम मोदी की एक तस्वीर शेयर करते हुए चुटकी ली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लगता है पीएम मोदी आयरलैंड की स्वतंत्रता दिवस मना रहे है। पवन खेड़ा ने लिखा, “लगता है साहब ने उर्दू में तिरंगा पहना है। या फिर भारत की जगह आयरलैंड का इंडिपेंडेंस डे मना रहे हैं।”
क्यों कांग्रेस को दिक्कत?
इससे पहले लाल किले पर अपने 13वें भाषण के दौरान पीएम मोदी ने सफेद रंग का कुर्ता-पायजामा, गहरे भूरे रंग की जैकेट और एक पारंपरिक साफा पहना था। पीएम के जैकेट में तिरंगे के तीन रंगों, हरा, सफेद और केसरिया रंग का एक पॉकेट स्क्वायर लगा हुआ था। कांग्रेस के अनुसार पॉकेट स्क्वायर में लगाए गए रंगों का क्रम तिरंगे जैसा नहीं था। बता दें कि आयरलैंड के राष्ट्रीय ध्वज में भी भारतीय तिरंगे के ही 3 रंग शामिल हैं। हालांकि इन रंगों का क्रम अलग है। पीएम मोदी के पॉकेट स्क्वायर में रंगों का पैटर्न इसी से मिलता-जुलता दिखाई दे रहा है। इसे लेकर ही कांग्रेस ने 'आयरलैंड' वाला तंज कसा है।
पीएम मोदी की पगड़ी चर्चा में
हर साल की तरह पीएम मोदी की स्वतंत्रता दिवस की पगड़ी इस बार भी चर्चा में है। इस बार पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान गहरे लाल रंग का पारंपरिक बांधनी साफा पहना था। इस पर सफेद और पीले रंग की बारीक बिंदियों का पैटर्न बना हुआ था। यह पगड़ी इसीलिए भी खास थी क्योंकि पीएम मोदी ने 2014 में लाल किले के प्राचीर पर अपने पहले भाषण में भी ऐसा ही साफा पहना था।
विपक्ष पर बोला हमला
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि कुछ लोग देश की प्रगति देख नहीं सकते और भारत का भला नहीं सोच सकते इसलिए वे लोगों को गुमराह करने में लगे रहते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास सरकार, जीवंत लोकतंत्र और सभी का मार्गदर्शन करने वाला संविधान है और इसके आधार पर देश संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो प्रगति देख नहीं सकते।
उन्होंने कहा, "कुछ लोग भारत का भला सोच नहीं सकते हैं। देश को ऐसे लोगों से बचना होगा। ऐसे मुट्ठी भर लोग निराशा के गर्त में डूबे हुए हैं और जब उनकी गोद में विकृति पलती है तो वह विनाश और सर्वनाश का कारण बन जाती है। ऐसे छुटपुट निराशावादी तत्वों को समझना चाहिए।" पीएम मोदी ने आगे कहा कि उनका सपना है कि ऐसे एक लाख युवा राजनीति में आएं, जिनके परिवार का राजनीति से कोई नाता नहीं रहा है। ये युवा किसी भी राजनीतिक दल में जा सकते हैं और इससे देश का लोकतंत्र और मजबूत होगा।
लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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