
हिजाब पहनने वाली लड़की एक दिन... ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- दिन में तारे देखने जैसा
ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, जो भारतीय संविधान की समावेशिता को दिखाता है। इस पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि यह दिन में तारे देखने जैसी बात है।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली लड़की प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी के इस बयान को मसूद ने दिन में तारे देखने जैसी बात बताई है। ओवैसी ने महाराष्ट्र की एक रैली में यह बयान दिया था, जिसके बाद भाजपा, कांग्रेस से लेकर तमाम दलों के नेताओं ने रिएक्ट किया।
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए यूपी के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "वह ऐसी बातें कर रहे हैं जो नामुमकिन हैं, यह दिन में तारे देखने जैसा है। वह ऐसी बात क्यों कर रहे हैं जो मुमकिन ही नहीं है? लोकतंत्र में सभी को अधिकार हैं। हिजाब पहनना या न पहनना एक निजी मामला है।"
इससे पहले, ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, जो भारतीय संविधान की समावेशिता को दिखाता है। शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा में बोलते हुए, ओवैसी ने तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में ऐसी समावेशिता नहीं है, जो दूसरे धर्मों के लोगों को बड़े पदों पर बैठने से रोकता है।
उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का संविधान साफ तौर पर कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बाबा साहब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।”
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें एआईएमआईएम का अध्यक्ष किसी 'पसमांदा' मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को बनाने की चुनौती दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "मियां ओवैसी कहते हैं कि हिजाब वाली पीएम बनेगी। मियां ओवैसी - संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन मैं आपको चैलेंज करता हूं कि पहले आप किसी पसमांदा या हिजाब वाली को अपनी एआईएमआईएम का प्रेसिडेंट बनाकर दिखाएं।''
इस बीच, शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने इस बात पर जोर दिया कि लीडरशिप परफॉर्मेंस और लोगों के समर्थन पर आधारित होनी चाहिए, न कि जाति, धर्म या समुदाय पर। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में योग्यता के आधार पर एक महिला प्रधानमंत्री का समर्थन किया जा सकता है। शायना ने कहा, "असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री पद के लिए कोई जगह खाली नहीं है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सभी जानते हैं। पहले अपने सांसदों को चुनाव जितवाइए, फिर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखिए। हां, किसी समय हम भी एक महिला प्रधानमंत्री चाहेंगे, लेकिन उनकी जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि उनके अच्छे काम और भारत के लोगों के लोकप्रिय समर्थन के आधार पर।"

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।
और पढ़ें



