
वो इंदिरा की पोती हैं, प्रियंका को पीएम बनाओ फिर देखो... कांग्रेस सांसद का भाजपा पर तीखा पलटवार
हाल ही में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भारत सरकार से संज्ञान लेने की अपील की थी।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मंगलवार को पार्टी महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जमकर तारीफ की और उन्हें प्रधानमंत्री पद का दावेदार बताया। उन्होंने प्रियंका गांधी की तुलना उनकी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से की। मसूद का यह बयान बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मुद्दे पर प्रियंका गांधी के बयान का बचाव करते हुए आया है।
एएनआई से बातचीत में इमरान मसूद ने कहा- ...क्या प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री हैं? उन्हें प्रधानमंत्री बनाओ और देखो कि वो इंदिरा गांधी की तरह कैसे जवाब देती हैं। वो प्रियंका गांधी हैं। उनके नाम के पीछे गांधी लगा हुआ है। वो इंदिरा गांधी की पोती हैं, जिन्होंने पाकिस्तान को इतना नुकसान पहुंचाया था कि आज भी उन घावों का दर्द बाकी है। उन्हें प्रधानमंत्री बनाओ और देखो कि वो कैसे जवाब देती हैं। तुम ऐसा करने की हिम्मत भी नहीं कर पाओगे।"
मसूद ने यह भी कहा कि प्रियंका गांधी ने बांग्लादेश में हिंसा के मुद्दे पर सबसे पहले आवाज उठाई थी। उन्होंने भाजपा के आरोपों का खंडन किया कि प्रियंका गांधी अंतरराष्ट्रीय मुद्दों जैसे गाजा पर तो बोलती हैं, लेकिन बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर चुप रहती हैं।
प्रियंका गांधी का बांग्लादेश हिंसा पर बयान
हाल ही में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बांग्लादेश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भारत सरकार से संज्ञान लेने की अपील की थी। यह अपील बांग्लादेश के मयमनसिंघ जिले में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा बर्बर हत्या के बाद आई थी।
एक्स पर पोस्ट में प्रियंका गांधी ने लिखा- बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा की गई बर्बर हत्या की खबर अत्यंत चिंताजनक है। किसी भी सभ्य समाज में धर्म, जाति, पहचान आदि के आधार पर भेदभाव, हिंसा और हत्या मानवता के खिलाफ अपराध हैं। भारत सरकार को पड़ोसी देश में हिंदू, ईसाई और बौद्ध अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा का संज्ञान लेना चाहिए और बांग्लादेश सरकार के साथ उनकी सुरक्षा का मुद्दा दृढ़ता से उठाना चाहिए।
बांग्लादेश में दीपू चंद्र दास की हत्या
बांग्लादेश के मयमनसिंघ जिले के भालुका इलाके में 18 दिसंबर को 27 वर्षीय दीपू चंद्र दास नामक एक गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी की भीड़ ने कथित ईशनिंदा के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, आरोप ईशनिंदा से जुड़े थे। भीड़ ने शव को पेड़ पर लटकाया और आग लगा दी। यह घटना बांग्लादेश में चल रहे व्यापक अशांति और प्रदर्शनों के बीच हुई।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) ने इस मामले में सात से दस लोगों को गिरफ्तार किया है। यूनुस ने घटना की निंदा की और कहा कि नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद, देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक संगठन, ने हत्या की कड़ी निंदा की और इसे सामुदायिक सद्भाव के लिए खतरा बताया।
इमरान मसूद के बयान पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कुछ कांग्रेस नेताओं में प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग उठ रही है, जबकि पार्टी पारंपरिक रूप से राहुल गांधी को प्रमुख चेहरा मानती रही है। मसूद ने राहुल और प्रियंका की एकता पर जोर देते हुए कहा कि दोनों एक ही चेहरे के दो आंखों जैसे हैं।





