कांग्रेस में होने वाली है पुराने दिग्गजों की 'घर वापसी'? पार्टी तैयार, चर्चा में पवार का फॉर्मूला
कांग्रेस में पुराने नेताओं की 'घर वापसी' और क्षेत्रीय दलों के विलय की अटकलों पर केसी वेणुगोपाल ने पार्टी का रुख साफ किया है। जानिए टीएमसी में टूट, एनसीपी और शरद पवार की भविष्यवाणी का कांग्रेस की नई रणनीति से क्या है कनेक्शन।

क्या कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने वाले या अलग राह चुनने वाले पुराने नेताओं की फिर से पार्टी में 'घर वापसी' होगी? पिछले कुछ समय से चल रही इन तमाम चर्चाओं के बीच कांग्रेस ने अपना रुख बिल्कुल साफ कर दिया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) ने पार्टी छोड़ चुके अपने पूर्व सदस्यों को वापस स्वीकार करने की पूरी तैयारी दिखाई है।
'विचारधारा में यकीन रखने वालों का स्वागत'
कांग्रेस के संगठन महासचिव और राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले केसी वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया है कि पार्टी में वापसी के लिए किसी तरह की कोई रोक नहीं है। टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “हर वह व्यक्ति जो कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखता है, वह वापस आ सकता है। इसमें कोई समस्या नहीं है।”
'बीजेपी-फासीवादी ताकतों' के खिलाफ लड़ाई होगी मजबूत
वेणुगोपाल ने इस बात पर जोर दिया कि पुराने नेताओं की वापसी या अलग हुए दलों के कांग्रेस में विलय से फायदा ही होगा। वेणुगोपाल का मानना है कि इस तरह के विलय और घर वापसी से “बीजेपी-फासीवादी ताकतों” के खिलाफ चल रही लड़ाई को और ज्यादा मजबूती मिलेगी। उन्होंने आगे कहा, “जो भी पार्टियां कांग्रेस में शामिल होना चाहती हैं और कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास करती हैं, वे हमसे संपर्क कर सकती हैं। हम उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे।”
क्या अभी कांग्रेस के पास है विलय का कोई प्रस्ताव?
पिछले कुछ समय से सार्वजनिक स्तर पर इस बात की काफी चर्चा है कि कांग्रेस से अलग हुए कुछ गुट वापस मुख्य पार्टी के साथ अपना विलय कर सकते हैं। हालांकि, पार्टी महासचिव ने इन दावों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट कर दी है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि फिलहाल एआईसीसी (AICC) के समक्ष विलय का ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने दावा किया, “हम विलय की ये सभी अटकलें केवल मीडिया के जरिए ही सुन रहे हैं।”
क्या कांग्रेस में वापस मिलेंगी TMC और NCP? शरद पवार के फॉर्मूले की फिर से चर्चा
देश में क्षेत्रीय विपक्षी दलों का दायरा जिस तरह से सिकुड़ रहा है, उसे देखते हुए महाराष्ट्र के दिग्गज नेता शरद पवार का वह पुराना विचार एक बार फिर से चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने टीएमसी (TMC) और एनसीपी (NCP) जैसे दलों के कांग्रेस में विलय या एक साथ आने की भविष्यवाणी की थी।
2024 के चुनाव में शरद पवार ने की थी भविष्यवाणी
2024 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान सतारा में देर रात दिए गए एक इंटरव्यू में शरद पवार ने एक बड़ी राजनीतिक भविष्यवाणी की थी। उन्होंने कहा था कि आने वाले एक या दो सालों में 'कई क्षेत्रीय दल कांग्रेस के साथ ज्यादा करीब से जुड़ेंगे या वे कांग्रेस में विलय के विकल्प पर भी विचार कर सकते हैं।' जब उनसे खुद की पार्टी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी - शरदचंद्र पवार) को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा था कि उन्हें अपनी पार्टी और कांग्रेस के बीच कोई अंतर नजर नहीं आता है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया जानने के लिए उछाला था आइडिया
राजनीति में शरद पवार के शब्द हमेशा नपे-तुले होते हैं और वे कभी बिना सोचे-समझे बयान नहीं देते। माना गया कि पवार ने यह बयान कांग्रेस की प्रतिक्रिया आंकने के लिए दिया था। दरअसल, उस समय से करीब एक साल पहले ही एनसीपी में फूट पड़ गई थी और पार्टी का एक बड़ा धड़ा उनके भतीजे अजित पवार के साथ चला गया था। ऐसे में सीनियर पवार को उम्मीद थी कि इस कदम से उन्हें राज्य के चुनावों में खोई जमीन वापस पाने में मदद मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी भूमिका मिल सकेगी।
कांग्रेस की तरफ से नहीं मिला था कोई भाव
इस फॉर्मूले का बाद में क्या हुआ? कुछ महीने बाद जब पवार से बात करने वाले एक व्यक्ति से पूछा गया, तो जवाब मिला कि 'कांग्रेस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।' अब शरद पवार के इस फॉर्मूले की चर्चा ऐसे वक्त में एक बार फिर प्रासंगिक हो गई है, जब ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) भारी संकट और टूट से गुजर रही है। टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसदों ने पार्टी से बगावत कर दी है। बारासात की सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में इन बागी सांसदों ने टीएमसी से अलग होकर 'नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) नाम की एक बहुत ही कम चर्चित पार्टी में विलय कर लिया।
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