पंजाब में सुलझ ही रही थी कांग्रेस कि 250 KM दूर राजस्थान में नई कलह, नए गुट बने
अब राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी की खबरें सामने आ रहीं हैं। हालांकि, नेता एकजुट होने का ही दावा कर रहे हैं। हाल ही में भारत आदिवासी पार्टी के नेताओं को शामिल किए जाने को लेकर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

पंजाब में गुटबाजी का सामना कर रही कांग्रेस के सामने एक और राज्य में नई मुश्किल खड़ी होती नजर आ रही है। खबर है कि राजस्थान में दल के अंदर ही कई गुट खड़े हो गए हैं। ताजा तनाव BAP यानी भारत आदिवासी पार्टी के नेताओं को शामिल कराए जाने से जुड़ा है, जिसपर प्रदेश नेतृत्व कड़ी आपत्ति जता रहा है। यह जॉइनिंग पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में हुई।
पहले ताजा विवाद समझें
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सीएम गहलोत ने 300 बाप नेताओं को कांग्रेस में शामिल कराया है। अब यह आयोजन ऐसे ही नहीं हुआ। इसके लिए खास समारोह कराया गया और कांग्रेस से जुड़ने वाले नेता पूर्व मंत्री महेंद्र मालवीय की अगुवाई में पहुंचे थे। अब विवाद की वजह बताई जा रही है कि गहलोत ने इस बारे में कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व को नहीं बताया था।
कांग्रेस के कप्तान नाराज
राज्य में कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा हैं। अब वह गहलोत के इस कदम की आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट रूप से वरिष्ठ नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन खुद की ब्रांडिंग के आरोप लगा दिए। डोटासरा का कहना था, 'अगर कोई अपनी ब्रांडिंग के लिए काम कर रहा है, तो उन्हें शुभकामनाएं। मैं कांग्रेस के लिए काम करता हूं और मेरी वफादारी हमेशा कांग्रेस पार्टी के प्रति रहेगी। मैं कभी भी किसी की ब्रांडिंग के लिए काम नहीं करूंगा। मैंने इस पार्टी की सेवा की है और आगे भी करता रहूंगा।'
खबरें ये भी हैं कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की तरफ से इस मामले को दिल्ली तक भी उठाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि इस संबंध में सांसद केसी वेणुगोपाल समेत कुछ नेताओं से की गई है। हालांकि, खुद डोटासरा या कांग्रेस ने इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।
महेंद्र मालवीय से भी नाराज
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, डोटासरा ने कहा, 'जो भी कांग्रेस छोड़ता है, वह आमतौर पर हार ही जाता है। BJP में शामिल होने के बाद वह भी हार गए थे। मैंने उस समय उन्हें चुनौती दी थी कि वह कोई भी चुनाव नहीं जीत पाएंगे। वह न तो MP बन पाए और न ही MLA इसलिए वह मेरे पीछे खड़े हैं। हालांकि वह मुझसे बड़े नेता हैं और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं, फिर भी वह मेरे पीछे खड़े हैं। मुझे पता है कि उनमें काबिलियत है। उन्होंने गलती की उसे माना और हमने उन्हें वापस अपना लिया। वह पार्टी में जिसे भी लाएंगे, हम उनका खुले दिल से स्वागत करेंगे। अगर वे कांग्रेस के खिलाफ काम करेंगे, तो मैं उन्हें साफ तौर पर खारिज कर दूंगा।'
चार खेमों में बंटने का दावा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर गुटबाजी जोर पकड़ रही है और पार्टी 4 खेमों में बंटी नजर आ रही है। इनमें एक की अगुवाई कांग्रेस महासिचव सचिन पायलय, प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा, पूर्व सीएम गहलोत और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कर रहे हैं। हालांकि, किसी भी नेता ने इसे लेकर कुछ नहीं कहा। जबकि, डोटासरा का कहना है कि सभी लोग साथ हैं।


