
प्रियंका गांधी के लिए ऐसे शब्द स्वीकार नहीं, इजरायली दूत के जवाब से भड़की कांग्रेस; PM मोदी को भी घेरा
संक्षेप: कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को कहा कि इजरायल गाजा में नरसंहार कर रहा है और भारत सरकार फिलिस्तीन के लोगों पर इजरायल द्वारा बरपाए जा रहे कहर पर चुप है। अब इस पर विवाद छिड़ गया है। जानिए पूरा मामला।
कांग्रेस ने मंगलवार को इजरायल के राजदूत रूवेन अजार द्वारा पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की टिप्पणी पर दिए गए जवाब की कड़ी निंदा की। प्रियंका गांधी ने अपने एक पोस्ट में कहा था कि इजरायल गाजा में “नरसंहार” कर रहा है। इसके जवाब में इजरायली दूत ने कुछ तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया था। कांग्रेस ने इजरायली राजदूत की टिप्पणी को ‘‘अस्वीकार्य’’ बताया और प्रियंका गांधी की ओर से व्यक्त ‘‘दर्द एवं पीड़ा’’ के जवाब में उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों की निंदा की। इजरायली राजदूत द्वारा प्रियंका गांधी पर हमला किए जाने के बाद, कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने कहा, ‘‘भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, गाजा में इजराइल द्वारा जारी नरसंहार पर सांसद श्रीमती प्रियंका गांधी वाद्रा की ओर से व्यक्त दर्द और पीड़ा के जवाब में भारत में इजरायल के राजदूत द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों की निंदा करती है।’’

रमेश ने कहा कि सरकार से यह उम्मीद करना बेकार है कि वह राजदूत की प्रतिक्रिया को गंभीरता से लेते हुए उस पर आपत्ति जताएगी, क्योंकि सरकार ने बीते 18-20 महीनों में गाजा में तबाही पर चुप्पी साधकर “बेहद नैतिक कायरता दिखाई’’ है। उन्होंने कहा, “हम इसे बिलकुल अस्वीकार्य मानते हैं।”
क्या बोलीं प्रियंका गांधी?
प्रियंका गांधी ने मंगलवार को कहा कि इजरायल ‘‘नरसंहार’’ कर रहा है और उन्होंने भारत सरकार पर आरोप लगाया कि वह फिलिस्तीन के लोगों पर इजरायल द्वारा ‘‘बरपाए जा रहे कहर पर चुप’’ है। कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘इजरायली सरकार ने 60,000 से अधिक लोगों की हत्या की है, जिनमें 18,430 बच्चे शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसने कई बच्चों समेत सैकड़ों लोगों को भूखा रखकर मार दिया है और अब लाखों को भूखा मारने की धमकी दे रहा है।’’ प्रियंका गांधी ने कहा कि इन अपराधों पर चुप रहना और कोई कार्रवाई न करना भी एक अपराध है। उन्होंने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि भारत सरकार फलस्तीन के लोगों पर इजराइल द्वारा बरपाए जा रहे इस कहर पर चुप है।’’
इजरायली दूत का तीखा जवाब
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने एक्स पर लिखा, ‘‘शर्मनाक बात आपका ढकोसला है। इजरायल ने 25,000 हमास आतंकवादियों को मार गिराया। मानव जीवन की भयानक क्षति का कारण हमास की घृणित रणनीतियां हैं जिनमें नागरिकों के पीछे छिपना, बाहर निकलने या सहायता प्राप्त करने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोली चलाना, और रॉकेट दागना।”
अजार ने प्रियंका गांधी के पोस्ट को टैग करते हुए कहा, “ इजरायल ने गाजा में 20 लाख टन भोजन पहुंचाया, जबकि हमास उसे जब्त करने की कोशिश कर रहा है, जिससे भुखमरी पैदा हो रही है। पिछले 50 साल में गाजा की आबादी 450 प्रतिशत बढ़ी है, लेकिन वहां कोई नरसंहार नहीं हुआ। हमास के आंकड़ों पर यकीन मत कीजिए।”
कांग्रेस के मीडिया और प्रचार प्रमुख पवन खेड़ा ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से सवाल किया, "क्या आप इजरायली राजदूत के प्रियंका गांधी को डराने की कोशिश को संबोधित करेंगे? या अब भारत में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इजरायल से नियंत्रित होने लगी है?" खेड़ा ने कहा कि गाजा में नागरिकों की हत्या, जिसमें सहायता के लिए कतार में खड़े लोग भी शामिल हैं, उनको कोई भी सफेदी नहीं छिपा सकती।
शिव सेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी इस मामले में कांग्रेस का समर्थन किया और विदेश मंत्रालय से इजरायली राजदूत के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि भारतीय सांसदों के प्रति इस तरह का लहजा और व्यवहार अस्वीकार्य है।





