बंगाल में नया बवाल? 21 जुलाई को लेकर कांग्रेस-टीएमसी आमने-सामने, इस तारीख में खास क्या
बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी के हाथ से चीजें एक के बाद निकलती जा रही हैं। इसी कड़ी में टीएमसी एक बड़ा इवेंट भी खोने वाली है, जिसे वह अपनी पहचान से जोड़कर देखती है।

बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद टीएमसी के हाथ से चीजें एक के बाद निकलती जा रही हैं। इसी कड़ी में टीएमसी एक बड़ा इवेंट भी खोने वाली है, जिसे वह अपनी पहचान से जोड़कर देखती है। यह इवेंट है शहीद दिवस, जिसे टीएमसी हर साल 21 मई को मनाती रही है। लेकिन अब कांग्रेस की पश्चिम बंगाल इकाई ने कहा है कि वह आगामी 21 जुलाई को ‘शहीद मीनार’ पर एक रैली आयोजित करेगी।
कांग्रेस ने किया यह ऐलान
इसके साथ ही पार्टी लंबे समय से तृणमूल कांग्रेस से जुड़े 'शहीद दिवस' आयोजन पर अपनी दावेदारी जताने की कोशिश करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने पार्टी के ‘बिधान भवन’ कार्यालय में यह घोषणा करते हुए कहाकि कांग्रेस लगभग तीन दशकों में यहां इस कार्यक्रम का आयोजन करेगी। यह कदम विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार और उसके बाद पार्टी के भीतर चल रही उथल-पुथल के मद्देनजर उठाया गया है।
कैसे हुई थी शहीद दिवस की शुरुआत
इस दिन की शुरुआत 21 जुलाई, 1993 को हुई थी, जब वाम मोर्चा शासन के दौरान एस्प्लेनेड में ममता बनर्जी के नेतृत्व में एक रैली के दौरान पुलिस गोलीबारी में 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मारे गए थे। कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं के मारे जाने की याद में इस दिन को शहीद दिवस घोषित किया था। 1990 के दशक के उत्तरार्ध में ममता बनर्जी के कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस बनाने के बाद, उनकी पार्टी ने धीरे-धीरे इस वार्षिक आयोजन की जिम्मेदारी संभाली और हर साल विशाल रैलियां आयोजित करने लगी।
कांग्रेस का टीएमसी पर आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों से तृणमूल कांग्रेस ने प्रभावी रूप से कार्यक्रम पर कब्जा कर लिया था और कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से इस दिन को मनाने से रोक दिया था। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहाकि वर्षों तक हमें सार्वजनिक रूप से कार्यक्रम आयोजित करने की प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई। हमें शहीद दिवस बिधान भवन के अंदर अस्थायी शेड में मनाना पड़ा। शुभंकर सरकार और पार्टी पर्यवेक्षक गुलाम अहमद मीर ने कांग्रेस में रहे नेताओं को खुला निमंत्रण दिया। शुभंकर सरकार ने कहाकि कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास रखने वाले और पूर्व में कांग्रेस से जुड़े रहे नेताओं के लिए पार्टी के दरवाजे खुले हैं। उनका हार्दिक स्वागत किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
Deepak Mishraमूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।
आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।
यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।
जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।
अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।


