
कांग्रेस के CM हिमंत पर 12000 बीघा जमीन कब्जाने के आरोप, BJP ने रॉबर्ट वाड्रा का नाम लेकर किया रिप्लाई
हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं आज संवाददाता सम्मेलन में मेरे बारे में दिए गए झूठे, मनगढ़ंत और मानहानिकारक बयानों के लिए नौ फरवरी को जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल, गौरव गोगोई और देबब्रत सैकिया के खिलाफ दीवानी और फौजदारी मानहानि कार्यवाही शुरू करुंगा।'
कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने बुधवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनके परिवार ने पूरे राज्य में लगभग 12,000 बीघा (3,960 एकड़ से अधिक) जमीन पर कब्जा किया हुआ है। इन आरोपों को लेकर सीएम सरमा ने कहा है कि वह कांग्रेस के बड़े नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करेंगे। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने रॉबर्ट वाड्रा का जिक्र किया और मुख्यमंत्री पर लगे आरोपों को खंडन किया है।
गोगोई ने यहां प्रेसवार्ता में यह भी दावा किया कि सरमा ने इसी भूमि घोटाले को 'छिपाने' के लिए उनके (गोगोई के) कथित पाकिस्तानी संबंधों का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने जांच की है और इससे कुछ चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्यमंत्री और उनके परिवार ने पूरे असम में लगभग 12,000 बीघा जमीन पर कब्जा किया हुआ है। यह आंकड़ा अंतिम नहीं है, क्योंकि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में यह बढ़ सकता है।'
क्या बोले मुख्यमंत्री
सरमा ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'मैं आज संवाददाता सम्मेलन में मेरे बारे में दिए गए झूठे, मनगढ़ंत और मानहानिकारक बयानों के लिए नौ फरवरी को जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल, गौरव गोगोई और देबब्रत सैकिया के खिलाफ दीवानी और फौजदारी मानहानि कार्यवाही शुरू करुंगा।'
भाजपा का रिप्लाई
इन आरोपों का जवाब देते हुए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता रंजीब कुमार सरमा ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि गोगोई के दावों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा, 'उनके इस बयान में क्या सच्चाई है? क्या इतनी बड़ी जमीन रखना संभव है, जबकि भारतीय कानूनों के अनुसार कोई भी व्यक्ति 50 बीघा से अधिक जमीन नहीं रख सकता? यह जमीन सीमा अधिनियम के कारण संभव नहीं है। इसका मतलब है कि गौरव गोगोई को कानूनों की जानकारी नहीं है।'
उन्होंने कहा, 'अगर गौरव गोगोई के पास कोई जानकारी है, तो उन्हें अदालत जाना चाहिए, जैसा कि लोग रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ अदालत गए थे। बोफोर्स से लेकर वाड्रा मामलों तक, कई मुद्दों पर लोगों ने अदालतों का दरवाजा खटखटाया है। अगर आपके पास दस्तावेज हैं, तो उन्हें उजागर करने के लिए अदालत से संपर्क करें।'
भाजपा नेता ने कहा, 'हमारी न्यायिक प्रणाली भ्रष्टाचार को उजागर करने का मंच प्रदान करती है। गौरव गोगोई ऐसा इसलिए नहीं कर रहे हैं क्योंकि आरोप झूठे हैं। वह केवल अपने निराधार आरोपों से सनसनी पैदा करना चाहते हैं, और कुछ नहीं।'
गोगोई पर लगे पाकिस्तान से संबंधों के आरोप
हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा हाल ही में उनके (गोगोई के) कथित पाकिस्तानी संबंधों का जिक्र करने पर गोगोई ने कहा, 'उन्होंने यह पिछले साल 10 सितंबर को क्यों नहीं किया? वह इन पांच महीनों से सो रहे थे और अचानक उन्हें मेरे पाकिस्तानी संबंधों की याद आ गई।' मुख्यमंत्री ने पहले भी घोषणा की थी कि वह 10 सितंबर 2025 तक गोगोई के कथित पाकिस्तानी संबंधों से जुड़े सभी सबूत सार्वजनिक करेंगे।
लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता ने कहा, 'उन्हें पता है कि हम उनके और उनके परिवार के भ्रष्टाचार एवं भूमि हड़पने के मामलों की फाइल तैयार कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने यह मुद्दा फिर से उठाया। मैंने पहले कहा था कि यह 'फ्लॉप शो' होगा; मैं फिर से कह रहा हूं कि यह 'फ्लॉप शो' ही होगा।'

लेखक के बारे में
Nisarg Dixitनिसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
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