आशा भोसले की अंतिम विदाई वाली देवड़ा की पोस्ट पर भड़की कांग्रेस, खूब सुनाया

Deepak Mishra लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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महाराष्ट्र कांग्रेस ने मिलिंद देवड़ा पर हमला बोला है। असल में मिलिंद देवड़ा ने आरोप लगाया था कि आशा भोंसले को श्रद्धांजलि देने के लिए कोई कांग्रेसी नेता नहीं पहुंचा था। कांग्रेस ने देवड़ा के इन आरोपों को बेहद शर्मनाक करार दिया है।

आशा भोसले की अंतिम विदाई वाली देवड़ा की पोस्ट पर भड़की कांग्रेस, खूब सुनाया

महाराष्ट्र कांग्रेस ने मिलिंद देवड़ा पर हमला बोला है। असल में मिलिंद देवड़ा ने आरोप लगाया था कि आशा भोंसले को श्रद्धांजलि देने के लिए कोई कांग्रेसी नेता नहीं पहुंचा था। कांग्रेस ने देवड़ा के इन आरोपों को बेहद शर्मनाक करार दिया है। कांग्रेस ने बताया कि लीजेंडरी सिंगर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस से कई लोग वहां पर गए थे। एक तीखी पोस्ट में कांग्रेस ने कहाकि मूर्खता और अज्ञानता की भी अपनी सीमाएं होती हैं। कांग्रेस ने यह आरोप लगाया कि उसके पूर्व मुंबई इकाई प्रमुख ने अपनी राजनीतिक जड़ों पर हमला किया है। कांग्रेस ने आगे लिखा है कि देवड़ा का यह बयान एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के प्रति वफादारी दिखाने की हताशा भरी कोशिश है।

देवड़ा ने क्या लिखा था
इन सबकी शुरुआत यूपीए सरकार में मंत्री रहे देवड़ा की एक्स पोस्ट के साथ हुई। एक्स पर लिखी इस पोस्ट में देवड़ा ने लिखा था कि मुंबई में आशा भोसले की अंतिम यात्रा में शामिल हुआ। इस दौरान वहां पर बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। इसके आगे देवड़ा ने जो लिखा, उसमें कांग्रेस पर निशाना साधा गया था। देवड़ा ने लिखा कि आशा जी को विदाई देने के लिए सभी क्षेत्रों के लोग एक साथ आए। प्रत्येक राजनीतिक दल ने वरिष्ठ प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया। लेकिन एक अपवाद सामने आया, जिसने राष्ट्रीय सांस्कृतिक धड़कन से इसके कटाव को दर्शाया।

कांग्रेस ने क्या कहा
इस पोस्ट में अपने पूर्व मुंबई प्रमुख पर हमला करते हुए कांग्रेस ने लिखा कि कहा जाता है कि मूर्खता और अज्ञानता की भी अपनी सीमाएं होती हैं। लेकिन मिलिंद देवड़ा हर ऐसी सीमा को लगातार तोड़ते नजर आ रहे हैं। पोस्ट में आगे कहा गया है कि वरिष्ठ पार्टी नेता सुशील कुमार शिंदे, जो देवड़ा के पिता के सहकर्मी रहे हैं, अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे। उनके साथ नसीम खान, लोकसभा सांसद प्रणिति शिंदे और अन्य कई नेता भी इस दौरान उनके साथ थे।

उछाल रहे हैं कीचड़
पोस्ट में आगे लिखा है कि वही संस्कृति है। वही विरासत है। वही बुनियादी मानवीय शिष्टाचार है। फिर वही मिलिंद देवड़ा हैं। वह शिंदे गुट के दरवाजे पर मंडरा रहे हैं। राजनीतिक पुनर्वास के लिए भीख मांग रहे हैं और एक बार उन्हें जगह मिलने के बाद, उस उपकार का बदला चुकाने के लिए बेताबी से वफादारी दिखा रहे हैं। इसमें आगे लिखा है कि झूठ फैलाते हुए और उसी पार्टी पर कीचड़ उछाल रहे हैं, जिसने उन्हें अस्तित्व दिया। अगर राजनीतिक अवसरवाद का एक चेहरा होता तो यही होता।

यह कृतज्ञता में मास्टरक्लास
कांग्रेस ने आगे दावा किया कि पार्टी ने देवड़ा परिवार की राजनीतिक पहचान बनाई। उसे प्रतिष्ठा, विश्वसनीयता और सत्ता में एक जगह दी। फिर भी आप उसी पर अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। यह केवल विडंबना नहीं है, यह कृतज्ञता में एक मास्टरक्लास है। विपक्षी दल ने कहाकि देवड़ा अपने ही प्रतिबिंब से सामना करना बेहतर समझेंगे। यहां तक कि चमचागिरी से भी कुछ गरिमा की उम्मीद की जाती है - लेकिन उनके मामले में, वह सीमा बहुत पहले पार हो गई थी। जो हम अब देख रहे हैं वह राजनीति नहीं है, बल्कि एक गिरावट है, जिसे पूरे उत्साह के साथ दिखाया जा रहा है।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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