नए हालात में अमेरिका के साथ म्यूचुअल बेनिफिट ट्रेड डील की नेगोशिएशंस जारी; कॉमर्स सेक्रेटरी ने बताया
सरकार ने सोमवार को कहा कि अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के जवाबी आयात शुल्कों को निरस्त करने के वहां के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उत्पन्न स्थित में भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।

सरकार ने सोमवार को कहा कि अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के जवाबी आयात शुल्कों को निरस्त करने के वहां के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद उत्पन्न स्थित में भारत पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के हवाले से कहा है कि गत 20 फरवरी को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप सरकार द्वारा भारत सहित विभिन्न देशों के खिलाफ लगाये गये जवाबी शुल्कों जिस तरह अमान्य घोषित किया है उससे भारत पर ये शुल्क अब प्रभाव में नहीं हैं।
इस बीच अमेरिकी प्रशासन ने व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 122 के तहत सभी देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत का शुल्क लगाने के लिए अधिशासी आदेश जारी किए हैं। इसी सदर्भ में वाणिज्य सचिव के हवाले से कहा गया है, ''भारत, दोनों देशों के लिए पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के साथ बातचीत जारी रखे हुए है।"
अग्रवाल ने सुप्रीम कोर्ट के 20 फरवरी के फैसले से पहले भारत और अमेरिका के बीच दो फरवरी को घोषित अंतरिम द्विपक्षीय व्यापारिक समझौते का हवाला देते हुए कहा है कि इस समझौते के लिए सात फ़रवरी को एक संयुक्त बयान जारी किया गया था। उन्होंने कहा है कि सात फरवरी 2026 को ही अमेरिका द्वारा भारत के रूसी तेल आयात का हवाला देते हुए कुछ भारतीय निर्यातों पर लगाए गए 25 प्रतिशत के अतिरिक्त एड-वैलोरम शुल्क हटा दिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि रूस से तेल आयात को लेकर अगस्त के आखिरी सप्ताह में लागू इस 25 प्रतिशत के दंडात्मक शुल्क के हटाये जाने के बावजूद अमेरिका में भारतीय माल अगस्त के पूर्वार्ध में लागू 25 प्रतिशत के जवाबी शुल्क बने हुए थे क्योंकि अंतरिम व्यापार समझौते को कानूनी रूप दिया जाना बाकी रह गया था। इसी बीच इन शुल्कों को खारिज करने का सुप्रीम कोट का निर्णय आ गया।
अंतरिम समझौते में अमेरिका की ओर से भारत से पहुंचने वाली विभिन्न प्रकार की वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की निम्न दर से शुल्क सहमति बनी थी। शुल्क की यह दर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा धारा 122 के तहत सभी देशों से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10 प्रतिशत की दर से लगाए गये शुल्क से अधिक है।
लेखक के बारे में
Devendra Kasyapदेवेन्द्र कश्यप पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अगस्त 2025 से वह लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। संस्थान की होम टीम का वह एक अहम हिस्सा हैं। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर उनकी पैनी नजर रहती है। वायरल कंटेंट के साथ-साथ लीक से हटकर और प्रभावशाली खबरों में उनकी विशेष रुचि है।
देवेन्द्र ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में महुआ न्यूज से की। करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने बिहार की राजधानी पटना में रिपोर्टिंग की। इस दौरान राजनीति के साथ-साथ क्राइम और शिक्षा बीट पर भी काम किया। इसके बाद उन्होंने जी न्यूज (बिहार-झारखंड) में अपनी सेवाएं दीं। वर्ष 2015 में ईनाडु इंडिया के साथ डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद राजस्थान पत्रिका, ईटीवी भारत और नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य किया।
मूल रूप से बिहार के भोजपुरी बेल्ट रोहतास जिले के रहने वाले देवेन्द्र कश्यप ने अपनी प्रारंभिक और उच्च शिक्षा पटना से प्राप्त की। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की और MCU भोपाल से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। वर्तमान में वह उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्रवास कर रहे हैं।
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