कॉकरोच जनता पार्टी के लिए चुनाव आयोग में पहुंच गया आवेदन, पर एक बड़ा खेला भी हो गया
कॉकरोच जनता पार्टी नाम से राजनीतिक दल का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए चुनाव आयोग में आवेदन पहुंच गया है। यह दावा अभिजीत दीपके ने नहीं, हरियाणा के एक वकील ने किया है।

सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का गठन करने वाले अभिजीत दीपके को एक और बड़ा झटका लगा है। हरियाणा के एक वकील ने बड़ा खेला कर दिया है। चुनाव आयोग में आवेदन दायर करते हुए अपने नाम से पार्टी के रजिस्ट्रेशन की मांग कर दी है। यदि चुनाव आयोग उनके आवेदन को स्वीकार करता है तो इस नाम के राजनीतिक दल पर उनका कब्जा होगा।
इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने बताया कि पानीपत के निवासी सुधीर जाखड़ पेशे से वकील हैं। उन्होंने खुद को 'कॉकरोच जनता पार्टी' का राष्ट्रीय संयोजक बताते हुए चुनाव आयोग के पंजीकरण सचिव के सामने आवेदन दायर किया है। उन्होंने रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपल ऐक्ट की धारा 29A के तहत रजिस्ट्रेशन की मांग की है। खास बात यह है कि आवेदन में CJP का ही कॉकरोच वाला लोगो इस्तेमाल किया गया है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की ओर से बेरोजगार युवाओं पर की गई एक टिप्पणी के बाद अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' नाम का हैंडल बनाया जो एक्स के अलावा इंस्टाग्राम पर बेहद हिट रहा। कुछ ही दिनों में इसके फॉलोअर्स की संख्या भाजपा और कांग्रेस से भी अधिक हो गई। लेकिन बाद में सरकार की मांग के बाद इसके हैंडल्स को ब्लॉक कर दिया गया। आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे अभिजीत दीपके का कहना है कि उनके वेबसाइट को भी बंद कर दिया गया है।
जाखड़ ने कहा- दीपके ने किया इनकार, इसलिए आवेदन
जाखड़ ने कहा कि पार्टी ने दीपके से संपर्क किया और उन्हें भारत आकर पार्टी को रजिस्टर कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि बोस्टन में मास्टर डिग्री ले रहे दीपके ने लौटने से इनकार किया। उन्होंने कहा, ‘दीपके ने भारत वापस आने और इस मुहिम को जमीन पर वास्तविक राजनीतिक दल में बदलने से इनकार किया। युवाओं के आक्रोश और इसके आकार को देखते हुए हमें लगा कि यदि किसी और ने इसे अपने नाम से रजिस्टर कर लिया और गलत इस्तेमाल किया तो पूरा आंदोलन खत्म हो जाएगा। ऐसा ना हो यह सुनिश्चित करने के लिए हमने आगे बढ़ने का फैसला किया।’ दीपके ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया नहीं दी है।
जाखड़ ने क्या बताए पार्टी के उद्देश्य
जाखड़ को बाकी दस्तावेज जमा करने के लिए मंगलवार को चुनाव आयोग में पेश होना था। जाखड़ चुनाव आयोग को दिए दस्तावेज में पार्टी के जो उद्देश्य बताए हैं उनमें संविधान के अनुच्छेद 51ए के तहत मौलिक कर्तव्यों को बढ़ावा देना, लोकतांत्रिक भागीदारी, शासन का सोशल ऑडिट, पर्यावरण संरक्षण, पशु कल्याण, कानूनी जागरूकता, पारदर्शिता, सांप्रदायिक सद्भाव और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक सुधार आदि शामिल हैं। ये मुद्दे सीजेपी की उन मांगों से अलग है जिन्हें दीपके के हैंडल्स से शेयर किया गया था। उनमें रिटायरमेंट के बाद चीफ जस्टिस के राज्यसभा जाने पर रोक, गलत तरीके से वोट डिलीट करने पर आतंकरोधी कानून के तहत कार्रवाई, महिलाओं को संसद और कैबिनेट में 50 फीसदी आरक्षण अरबपति उद्योगपतियों के लिए मीडिया लाइसेंस को कैंसिल करने और दलबदल पर 20 साल के बैन की घोषणा की गई थी।
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Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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