हम साथ-साथ हैं, सोनम वांगचुक से अलगाव की खबरों पर क्या बोले कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके
क्या जंतर-मंतर आंदोलन के बाद सोनम वांगचुक और कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके अलग-अलग हो चुके हैं? इस सवाल का जवाब मिल चुका है। सोनम वांगचुक से अलगाव की खबरों पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट इनकार कर दिया।

क्या जंतर-मंतर आंदोलन के बाद सोनम वांगचुक और कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके अलग-अलग हो चुके हैं? इस सवाल का जवाब मिल चुका है। सोनम वांगचुक से अलगाव की खबरों पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने एक निराशा जताई है। कॉकरोच जनता पार्टी के दीपके ने कहाकि वह वांगचुक के त्याग को कभी भी भूल नहीं सकते हैं। उन्होंने कहाकि हम अभी भी काफी हद तक साथ हैं। दीपके ने यह बातें एक इंटरव्यू के दौरान कहीं। यह इंटरव्यू धर्मेंद्र प्रधान के इंटरव्यू के बाद हुआ था।
आज भी होती है बात
दीपके से पूछा गया था कि क्या आंदोलन खत्म होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और वांगचुक के बीच दरार आ चुकी है? इंडिया टुडे के मुताबिक दीपके ने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहाकि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मेरी आज भी सोनम वांगचुक से फोन पर बात होती है। दीपके ने कहाकि उन्होंने छात्रों का शुक्रिया इसलिए अदा किया क्योंकि उन्होंने काफी कुछ सहकर इस आंदोलन को सफल बनाया। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी का साथ अभी तक बना हुआ है। दीपके ने कहाकि सोनम वांगचुक सर ने जो बलिदान दिया है, हम उसे नहीं भूल सकते। उन्होंने अपनी जान दांव पर लगा दी। 26 दिनों तक उन्होंने भूख हड़ताल की।
इस बात पर हुई निराशा
अभिजीत दीपके ने यह भी कहाकि उन्होंने निजी तौर पर सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी। दीपके ने कहाकि जब उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ी तो मैंने राहत की सांस ली। उन्होंने बताया कि मैंने वांगचुक सर से कहा था कि सर आप हड़ताल खत्म कर दो। हम विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। जब दीपके से पूछा गया कि क्या वह इस बात से निराश हुए थे कि वांगचुक ने अपनी हड़ताल भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में तोड़ी? इस पर उन्होंने कहाकि ऐसा नहीं है। दीपके के मुताबिक वह इस बात से बिल्कुल भी निराश या हताश नहीं हुए थे। हां, मुझे इस बात से निराशा जरूर हुई थी कि भाजपा के जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को उनसे मिलने दिया गया, जबकि मुझे इसकी अनुमति नहीं दी गई।
किडनैप करके ले जाया गया
अभिजीत दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को एक तरह से किडनैप करके ले जाया गया था। वजह, उन्हें वहां से ले जाए जाने के बाद ना तो विपक्ष के नेताओं और ना ही सीजेपी के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई। दीपके ने आगे कहाकि हालांकि वह इस बात से खुश थे कि वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म की। उनकी जिंदगी इस देश के भविष्य के लिए काफी अहम है।
क्या सीजेपी बनेगा एक राजनीतिक दल
इस दौरान दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के भविष्य को लेकर भी बात की। दीपके ने कहाकि तमाम चीजों के बावजूद यह कभी भी एक राजनीतिक दल नहीं बनेगा। उन्होंने कहाकि कोई चुनाव लड़ने की जगह यह एक पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप बना रहेगा। भाजपा के खिलाफ आरोपों को दोहराते हुए दीपके ने कहाकि विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपाई गुंडों ने अपना रंग दिखाया। उन्होंने कहाकि मैं पहले दिन से ही कह रहा था कि भाजपा अपने गुंडों को भेजेगी और अफरा-तफरी मचवाएगी। बाद में ऐसा हुआ भी।


