हम साथ-साथ हैं, सोनम वांगचुक से अलगाव की खबरों पर क्या बोले कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके

लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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क्या जंतर-मंतर आंदोलन के बाद सोनम वांगचुक और कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके अलग-अलग हो चुके हैं? इस सवाल का जवाब मिल चुका है। सोनम वांगचुक से अलगाव की खबरों पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट इनकार कर दिया।

Sonam Wangchuk Abhijeet Dipke
सोनम वांगचुक से मतभेद पर क्या बोले अभिजीत दीपके।

क्या जंतर-मंतर आंदोलन के बाद सोनम वांगचुक और कॉकरोच पार्टी के अभिजीत दीपके अलग-अलग हो चुके हैं? इस सवाल का जवाब मिल चुका है। सोनम वांगचुक से अलगाव की खबरों पर अभिजीत दीपके ने स्पष्ट इनकार कर दिया। हालांकि उन्होंने एक निराशा जताई है। कॉकरोच जनता पार्टी के दीपके ने कहाकि वह वांगचुक के त्याग को कभी भी भूल नहीं सकते हैं। उन्होंने कहाकि हम अभी भी काफी हद तक साथ हैं। दीपके ने यह बातें एक इंटरव्यू के दौरान कहीं। यह इंटरव्यू धर्मेंद्र प्रधान के इंटरव्यू के बाद हुआ था।

आज भी होती है बात

दीपके से पूछा गया था कि क्या आंदोलन खत्म होने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी और वांगचुक के बीच दरार आ चुकी है? इंडिया टुडे के मुताबिक दीपके ने इस बात को पूरी तरह से खारिज कर दिया। उन्होंने कहाकि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। मेरी आज भी सोनम वांगचुक से फोन पर बात होती है। दीपके ने कहाकि उन्होंने छात्रों का शुक्रिया इसलिए अदा किया क्योंकि उन्होंने काफी कुछ सहकर इस आंदोलन को सफल बनाया। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी का साथ अभी तक बना हुआ है। दीपके ने कहाकि सोनम वांगचुक सर ने जो बलिदान दिया है, हम उसे नहीं भूल सकते। उन्होंने अपनी जान दांव पर लगा दी। 26 दिनों तक उन्होंने भूख हड़ताल की।

इस बात पर हुई निराशा

अभिजीत दीपके ने यह भी कहाकि उन्होंने निजी तौर पर सोनम वांगचुक से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी। दीपके ने कहाकि जब उन्होंने भूख हड़ताल तोड़ी तो मैंने राहत की सांस ली। उन्होंने बताया कि मैंने वांगचुक सर से कहा था कि सर आप हड़ताल खत्म कर दो। हम विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। जब दीपके से पूछा गया कि क्या वह इस बात से निराश हुए थे कि वांगचुक ने अपनी हड़ताल भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों, जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में तोड़ी? इस पर उन्होंने कहाकि ऐसा नहीं है। दीपके के मुताबिक वह इस बात से बिल्कुल भी निराश या हताश नहीं हुए थे। हां, मुझे इस बात से निराशा जरूर हुई थी कि भाजपा के जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को उनसे मिलने दिया गया, जबकि मुझे इसकी अनुमति नहीं दी गई।

किडनैप करके ले जाया गया

अभिजीत दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि जंतर-मंतर से अभिजीत दीपके को एक तरह से किडनैप करके ले जाया गया था। वजह, उन्हें वहां से ले जाए जाने के बाद ना तो विपक्ष के नेताओं और ना ही सीजेपी के सदस्यों को उनसे मिलने की अनुमति दी गई। दीपके ने आगे कहाकि हालांकि वह इस बात से खुश थे कि वांगचुक ने अपनी भूख हड़ताल खत्म की। उनकी जिंदगी इस देश के भविष्य के लिए काफी अहम है।

क्या सीजेपी बनेगा एक राजनीतिक दल

इस दौरान दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी के भविष्य को लेकर भी बात की। दीपके ने कहाकि तमाम चीजों के बावजूद यह कभी भी एक राजनीतिक दल नहीं बनेगा। उन्होंने कहाकि कोई चुनाव लड़ने की जगह यह एक पॉलिटिकल प्रेशर ग्रुप बना रहेगा। भाजपा के खिलाफ आरोपों को दोहराते हुए दीपके ने कहाकि विरोध प्रदर्शन के दौरान भाजपाई गुंडों ने अपना रंग दिखाया। उन्होंने कहाकि मैं पहले दिन से ही कह रहा था कि भाजपा अपने गुंडों को भेजेगी और अफरा-तफरी मचवाएगी। बाद में ऐसा हुआ भी।

Deepak Mishra

लेखक के बारे में

Deepak Mishra

मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले दीपक मिश्रा के लिए पत्रकारिता में आना कोई संयोग नहीं था। घर में आने वाली तमाम मैगजीन्स और अखबार पढ़ते-पढ़ते खुद अखबार में खबर लिखने तक पहुंच गए। हालांकि सफर इतना आसान भी नहीं था। इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद जब घरवालों को इस इरादे की भनक लगी तो खासा विरोध भी सहना पड़ा। फिर मन में ठाना कि चलो जमीनी अनुभव लेकर देखते हैं। इसी मंशा के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई के दौरान आजमगढ़ के लोकल टीवी में काम करना शुरू किया। कैमरे पर शहर की गतिविधियां रिकॉर्ड करते, न्यूज बुलेटिन लिखते और कुछेक बार उन्हें कैमरे के सामने पढ़ते-पढ़ते इरादा मजबूत हो गया कि अब तो मीडिया में ही जाना है।

आजमगढ़ के डीएवी डिग्री कॉलेज से इंग्लिश, पॉलिटिकल साइंस और हिस्ट्री विषयों में ग्रेजुएशन के बाद वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में मास्टर डिग्री। इसके बाद अखबारों में नौकरी का सिलसिला शुरू हुआ आज अखबार से। फिर दैनिक जागरण के बाइलिंगुअल अखबार आई नेक्स्ट में वाराणसी में डेस्क पर नौकरी। वहां से सेंट्रल डेस्क कानपुर का सफर और फिर पत्रिका अखबार के इवनिंगर न्यूज टुडे में सेंट्रल डेस्क हेड की जिम्मेदारी। बाद में पत्रिका अखबार के लिए खेल डेस्क पर भी काम करने का मौका मिला। पत्रिका ग्रुप में काम करते हुए 2014 फीफा वर्ल्ड कप की कवरेज के लिए अवॉर्ड भी मिला।

यूपी में वापसी हुई फिर से दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में और जिम्मेदारी मिली गोरखपुर में डेस्क हेड की। आई नेक्स्ट की दूसरी पारी में दो बार गोरखपुर एडिशन के संपादकीय प्रभारी की भी भूमिका निभाई। वहीं, कुछ अरसे तक इलाहाबाद में डेस्क हेड की जिम्मेदारी भी संभाली। दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में काम करने के दौरान, डिजिटल फॉर्मेट के लिए वीडियो स्टोरीज करते रहे। इसमें कुंभ 2019 के लिए वीडियो स्टोरीज भी शामिल हैं। बाद में यहां पर पॉडकास्ट के दो शो किए। जिनमें से एक आईपीएल रिकॉर्ड बुक और दूसरा शहर का किस्सा रहा।

जून 2021 से लाइव हिन्दुस्तान में होम टीम का हिस्सा। इस दौरान तमाम चुनाव, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों की खबरें की। साथ ही क्रिकेट टीम के साथ सहभागिता निभाते हुए आईपीएल और टी-20 विश्वकप, चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान कवरेज में सक्रिय भूमिका निभाई। कुंभ 2025 के दौरान लाइव हिन्दुस्तान के लिए वीडियो स्टोरीज कीं।

अगर रुचि की बात करें तो फिल्में देखना, किताबें पढ़ना, कुछ नई स्किल्स सीखते रहना प्रमुख हैं। मिररलेस कैमरे के साथ वीडियो शूट करना और प्रीमियर प्रो पर एडिटिंग में दक्षता। प्रिय विषयों में सिनेमा और खेल दिल के बेहद करीब हैं।

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