एक यूटर्न लिया, दूसरे रास्ते का पता नहीं; अभिजीत दीपके के प्लान में बड़ा लोचा है
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली आ रहे हैं। दीपके ने दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। हालांकि, उनके प्लान को लेकर अब भी कई सवाल कायम हैं, जिनका जवाब नहीं दिया जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित 'दिल्ली प्लान' में अब एक दिन का ही समय बचा है। मजाक-मजाक में सोशल मीडिया पर बनाए गए CJP हैंडल के सुपरहिट हो जाने के बाद इसके कर्ताधर्ता अभिजीत दीपके ने दिल्ली में आकर बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। अमेरिका से शनिवार सुबह दिल्ली आ रहे अभिजीत दीपके ने हजारों-लाखों लोगों को दिल्ली तो बुला लिया है, पर उनके प्लान में अभी बड़ा लोचा है। कई तरह की दुविधाओं के बीच उन्होंने एक यूटर्न भी ले लिया है। ऐसे में ना तो CJP के समर्थकों के सामने प्लान क्लियर है और ना ही प्रशासन के सामने तस्वीर साफ है।
पहले कहा- एयरपोर्ट आइए, अब यूटर्न
अभिजीत दीपके ने हाल ही में जब दिल्ली लौटने का ऐलान किया तो उन्होंने अपने समर्थकों को इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पर मिलने को कहा था। दिल्ली आते ही गिरफ्तार कर लिए जाने का डर जताते रहे दीपके ने अपने समर्थकों से कहा था कि वे एयरपोर्ट के बाहर एकत्रित हो जाएं। उनका प्लान था कि समर्थकों के साथ ही वह पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने जाएंगे। लेकिन प्रदर्शन से ठीक दो दिन पहले अभिजीत दीपके ने गुरुवार को अचानक यूटर्न ले लिया। उन्होंने अब समर्थकों से एयरपोर्ट नहीं आने को कहा है। दीपके ने कहा कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि आम लोगों को किसी तरह की दिक्कत ना हो। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या इसका आभास उन्हें पहले नहीं था?
कंफ्यूजन ही कंफ्यूजन है, 'सॉल्यूशन' कुछ पता नहीं
अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्होंने एयरपोर्ट आने से इसलिए मना किया है क्योंकि अब उन्हें पता चला है कि बहुत बड़ी संख्या में लोग आएंगे तो आम लोगों को दिक्कत होगी। हालांकि, उनकी इस दलील से उनके ही अगले प्लान पर एक और बड़ा सवाल खड़ा हो जाता है। दीपके ने कहा कि वह एयरपोर्ट से सीधा पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचेंगे तो सभी लोग वहीं एकत्रित हों। अब सवाल उठता है कि यदि दीपके के दावे के मुताबिक 'हजारों-लाखों' लोग जुटते हैं तो क्या संवदेनशील इलाके में अव्यवस्था उत्पन्न नहीं होगी? क्या पार्लियामेंट स्ट्रीट के आसपास मौजूद सरकारी दफ्तरों, नई दिल्ली के इलाके में लोगों को दिक्कत नहीं होगी? क्या इतने लोग थाने परिसर में आ सकते हैं? जब तक दीपके थाने में जाकर परमिशन की मांग करते हैं उनके समर्थक कहा रहेंगे? क्या वह सड़कों पर एकत्रित होकर इन्हें जाम रखेंगे?
सबसे बड़े 2 सवाल अब भी कायम
अभिजीत दीपके ने अपनी योजना को लेकर कई सवालों का जवाब नहीं दिया है। इनमें दो सबसे प्रमुख सवालों को वह बार-बार गोलमोल जवाब से टाल रहे हैं। पहला यह कि- क्यों उन्होंने अडवांस में पुलिस से प्रदर्शन की अनुमति नहीं मांगी है? कॉकरोच जनता पार्टी के तीन घोषित प्रवक्ता क्या इसके लिए आवेदन नहीं कर सकते थे? सीजेपी का कहना है कि दीपके खुद आकर इसके लिए आवेदन करेंगे, जबकि वह जानते हैं कि कुछ घंटों के भीतर पुलिस किसी धरना-प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दे सकती है। दूसरा सवाल यह है कि यदि पुलिस ने जंतर-मंतर जान की अनुमति तुरंत नहीं दी तो क्या होगा? पुलिस ने इनकार किया तो दीपके का अगला कदम क्या होगा, उनके समर्थक इसके बाद कहां जाएंगे, क्या पुलिस के इनकार करते ही सबसे अपने घरों को लौट जाएंगे? दीपके या उनकी पार्टी की ओर से अभी इन सभी बातों पर सस्पेंस कायम रखा गया है।
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लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
सुधीर झा एक वरिष्ठ डिजिटल पत्रकार और संपादकीय नेतृत्वकर्ता हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 15 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वर्तमान में LiveHindustan.com में असिस्टेंट एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश सहित 8 राज्यों की कवरेज संभालने वाली स्टेट टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे राजनीति, अपराध और प्रशासन से जुड़े विषयों पर खबर लेखन और विश्लेषण में विशेषज्ञता रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज से लेकर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट तक, तथ्य-आधारित और संतुलित पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं।
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