ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लेते हैं, क्या बोले कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत दीपके के पिता

Nisarg Dixit भाषा
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प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनकी टिप्पणी विशेष रूप से उन लोगों पर केंद्रित थी जो 'फर्जी डिग्रियों' के माध्यम से वकालत के पेशे में प्रवेश करते हैं।

ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लेते हैं, क्या बोले कॉकरोच जनता पार्टी बनाने वाले अभिजीत दीपके के पिता

व्यंग्यात्मक डिजिटल मुहिम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय होने के मद्देनजर इसके संस्थापक अभिजीत दीपके के माता-पिता को यह डर सताने लगा है। उन्होंने चिंता है कि उनका बेटा मुसीबत में पड़ सकता है या उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। सीजेपी को एक सप्ताह पहले ही बोस्टन विश्वविद्यालय के छात्र अभिजीत ने शुरू किया था। इंस्टाग्राम पर इस संगठन के अब तक एक करोड़ 90 लाख से अधिक 'फॉलोअर' हैं। दीपके पहले आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े रहे थे।

CJI सूर्यकांत के बयान से उठा विवाद

छत्रपति संभाजीनगर में रहने वाले दीपके के माता-पिता भगवान और अनीता दीपके ने गुरुवार को एक मराठी समाचार चैनल से कहा कि वे नहीं चाहते कि उनका बेटा राजनीति में कदम रखे। दीपके के अनुसार, सीजेपी भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की इस टिप्पणी के बाद अस्तित्व में आई जिसमें उन्होंने वरिष्ठता की मांग कर रहे एक वकील से नाराजगी जताते हुए 'परजीवी' और 'कॉकरोच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया।

CJI ने दी थी सफाई

प्रधान न्यायाधीश ने बाद में स्पष्टीकरण दिया था कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनकी टिप्पणी विशेष रूप से उन लोगों पर केंद्रित थी जो 'फर्जी डिग्रियों' के माध्यम से वकालत के पेशे में प्रवेश करते हैं।

किस बात का सता रहा है डर

अभिजीत के पिता भगवान ने कहा, 'आजकल की राजनीति को देखें तो डरना स्वाभाविक है, चाहे उसके कितने भी समर्थक हों। अपने एक साक्षात्कार में उसने स्वयं भारत लौटने पर गिरफ्तारी का डर जताया था। हम अखबारों में ऐसी घटनाओं के बारे में पढ़ते हैं।' अभिजीत की मां अनीता ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका बेटा राजनीति से दूर रहे और नौकरी पाने पर ध्यान दे।

उन्होंने बताया कि अभिजीत ने पहले छत्रपति संभाजीनगर में पढ़ाई की और बाद में आगे की पढ़ाई के लिए पुणे चला गया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग उसके लिए मुश्किल थी, इसलिए उसने मीडिया क्षेत्र में आने का फैसला किया। भगवान और अनीता ने बताया कि उन्हें सीजेपी के बारे में सबसे पहले एक पड़ोसी से पता चला। भगवान ने कहा कि सोशल मीडिया पर सीजेपी के बढ़ते प्रभाव ने उन्हें चिंतित कर दिया है।

गिरफ्तारी की जता रहे हैं आशंका

उन्होंने कहा, 'मैं चिंतित हूं क्योंकि वह अब मशहूर हो गया है और ऐसे लोगों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। मैं यह सोचकर पिछले दो रातों से सो नहीं पाया हूं कि उसके साथ क्या हो सकता है। मुझे राजनीति से नफरत है और इसमें मेरी कोई रुचि नहीं है।'

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Nisarg Dixit

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।

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