
असम के लिए बुरी खबर लेकर आएगी जनगणना; आबादी को लेकर बोले CM हिमंत, किस बात का डर?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि आगामी जनगणना असम के लिए बुरी खबर लेकर सामने आएगी। उन्होंने दावा किया कि इस जनगणना में पता चलेगा कि असम की आबादी में 40 फीसदी बांग्लादेशी मुस्लिम हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विस्वा सरमा ने नया दावा किया है। उन्होंने कहा कि आगामी जनगणना में असम की आबादी में बांग्लादेशी मुसलमानों की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी तक पहुंच सकती है। आगामी जनसंख्या को लेकर मीडिया से बात कर रहे सीएम सरमा ने कहा कि यह जनगणना असम के लिए और भी ज्यादा बुरी खबर लेकर आएगी। गौरतल है कि सरमा ने पिछले साल जुलाई में भी दावा किया था कि आबादी में अगर इसी तरह वृद्धि होती रही तो 2041 में असम में मुस्लिमों की आबादी हिंदुओं के बराबर हो जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री पिछले काफी समय से यह दावा करते आ रहे हैं कि पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार जनसांख्यिकी परिवर्तन हो रहा है। बांग्लादेशी मुसलमान लगातार इन राज्यों में बस रहे हैं।
असम में आगामी विधानसभा चुनावों के लेकर इस वक्त राजनीति अपने चरम पर है। ऐसे में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे एसआईआर कार्यक्रम पर भी सीएम हिमंत ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान भाजपा विधायकों और बूथ लेवल एजेंट्स को निर्देश दिया था कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की जाए। उन्होंने कहा,"हम कोशिश करेंगे कि सभी संदिग्ध मिया मुस्लिम वोट काटे जाएं। मैंने सबी विधायकों और बीएलए को निर्देश दिया है कि वह किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को चिन्हित करें और तय प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज करें।"
आपको बता दें, देश में 2011 की जनगणना के अनुसार, असम की कुल जनसंख्या 3.12 करोड़ में से 1.07 करोड़ मुस्लिम (34.22 प्रतिशत) और 1.92 करोड़ हिंदू (61.47 प्रतिशत) थे। देशव्यापी जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी - अप्रैल से सितंबर 2026 तक घरों की सूची और आवास की गिनती की जायेगी, जिसके बाद फरवरी 2027 में जनगणना की जाएगी। यह प्रक्रिया मुख्य रूप से 2021 में होनी थी, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी।





