‘कॉकरोचों’ पर पैनी नजर, इंटेलिजेंस विंग भी ऑन; CJP मार्च को लेकर क्या है दिल्ली पुलिस की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी का दावा है कि इस मार्च की अगुवाई आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के पीड़ित परिवार और 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के शिकार हुए युवा करेंगे।

NEET पेपर लीक के खिलाफ अपने आंदोलन से धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देने पर मजबूर करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अब शिक्षक दिवस यानी की 5 सितंबर दिल्ली में इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक 2.5 किलोमीटर लंबे एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च का ऐलान किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का कहना है कि आयोजकों की तरफ से इस विरोध प्रदर्शन के लिए अब तक कोई आधिकारिक आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इसके बावजूद, दिल्ली पुलिस ने अपने पुराने अनुभवों से सीख लेते हुए सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
CJP का कहना है कि पिछले महीने जंतर-मंतर पर 36-37 दिनों तक चले आंदोलन को समाप्त कराने के लिए केंद्र सरकार ने जो वादे किए थे उन्हें पूरा नहीं किया गया है। सीजेपी की मांग है कि NEET पेपर लीक और धांधली के बाद आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को वापस लिया जाए या रद्द किया जाए। 'कॉकरोच' पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर सरकार से लिखित गारंटी की मांग कर रहे हैं।
कॉकरोच जनता पार्टी का दावा है कि इस मार्च की अगुवाई आत्महत्या करने वाले नीट अभ्यर्थियों के पीड़ित परिवार और 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के शिकार हुए युवा करेंगे।
क्या है दिल्ली पुलिस की तैयारी?
नई दिल्ली जिले में बीएनएस (BNSS) की धारा 163 लागू है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इंडिया गेट विरोध प्रदर्शन का अधिकृत स्थल नहीं है। बिना अनुमति के वहां मार्च निकालने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस आयोजकों से बातचीत कर प्रदर्शन का स्थान इंडिया गेट की जगह रामलीला मैदान या जंतर-मंतर स्थानांतरित करने का अनुरोध करेगी। पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पुलिस और स्पेशल ब्रांच CJP नेताओं, प्रवक्ताओं और सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रख रही है ताकि अन्य राज्यों से आने वाली भीड़ का आकलन किया जा सके। भीड़ की संभावना को देखते हुए सीआरपीएफ (CRPF) की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और जरूरत पड़ने पर आईटीबीपी (ITBP) की अतिरिक्त कंपनियां भी बुलाई जा सकती हैं।
CJP प्रवक्ता सौरव दास का कहना है कि आने वाले दिनों में दिल्ली पुलिस को इस शांतिपूर्ण मार्च के संबंध में सूचित कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि युवाओं और छात्रों ने सरकार के वादों पर भरोसा कर आंदोलन वापस लिया था, लेकिन अब सरकार अपनी बात से पीछे हट रही है जिससे युवाओं के पास दोबारा सड़कों पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।


