
SIR में मदद करेगा कक्षा 10 का एडमिट कार्ड? चुनाव आयोग ने दिया जवाब
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी द्वारा दिए गए प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। अपने इस प्रस्ताव ने सीईसी ने कक्षा 10 के एडमिट कार्ड को एसआईआर के लिए वैध दस्तावेज के रूप में मान्य करने की बात कही थी। आयोग ने पत्र लिखकर राज्य निर्वाचन आयोग को अपने इस फैसले के बारे में जानकारी दी है।
पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया ने लगातार लोगों का ध्यान आकर्षित किया हुआ है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह प्रक्रिया और भी ज्यादा अहम हो जाती है। ऐसे में पक्ष और विपक्ष दोनों की निगाहें इस पर टिकी हुई हैं। गुरुवार को राज्य निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के सीईसी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर कक्षा 10 के एडमिट कार्ड को वैध दस्तावेज के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, चुनाव आयोग ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
पश्चिम बंगाल सीईसी के प्रस्ताव को खारिज करते हुए चुनाव आयोग ने पत्र लिखकर अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा, "आयोग ने इस प्रस्ताव की जांच की है, लेकिन पाया कि माध्यमिक एडमिट कार्ड विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के लिए निर्धारित मान्य दस्तावेजों की सूची में शामिल नहीं है।
चुनाव आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के संचालन के लिए 27 अक्टूबर, 2025 को जारी निर्देशों के अनुसार, माध्यमिक एडमिट कार्ड को सत्यापन के लिए वैध दस्तावेज के रूप में मान्यता नहीं दी गई है।
पत्र में कहा गया है, "उपरोक्त को देखते हुए, आयोग का मत है कि माध्यमिक एडमिट कार्ड को वैध दस्तावेज के रूप में स्वीकार करने के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया जा सकता है।"
अधिकारियों ने बताया कि चुनाव आयोग ने इस निर्णय की जानकारी राज्य के अधिकारियों को दे दी है।
आपको बता दें, आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में इस वक्त जबरदस्त तनातनी का माहौल देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार लगातार ममता बनर्जी और उनकी सरकार के ऊपर आरोप लगा रही है, वहीं हाल ही में मुख्यमंत्री ममता ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर एक बड़ा जुलूस निकाला था। उन्होंने केंद्र सरकार पर तमाम आरोप लगाए थे। आई-पैक के मामले में ईडी की रेड के दौरान प्रतीक जैन के घर पहुंचने को लेकर भी सीएम ममता की काफी आलोचना हुई है। हालांकि, उन्होंने इसका आरोप भी केंद्र के ऊपर लगाया है।





