CJP प्रोटेस्ट: पुलिस लाठीचार्ज से लड़की की हुई मौत? सरकार ने क्या बताया
पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी दागे।

दिल्ली में सोमवार को हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़ीं तस्वीरों और वीडियोज की बाढ़ आ गई हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है। इस दावे में कहा जा रहा है कि संसद मार्च के दौरान पुलिस की बर्बरता से एक लड़की की मौके पर ही मौत हो गई। अब इसे लेकर सरकार का बयान सामने आया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने इस दावे को पूरी तरह से फर्जी बताते हुए खारिज कर दिया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में फैक्ट चेक करते हुए बताया गया कि कई सोशल मीडिया अकाउंट्स राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन के दौरान एक लड़की की मौत होने का दावा शेयर कर रहे थे। पोस्ट में दावे को खारिज करते हुए कहा गया, “दिल्ली में प्रदर्शन से जुड़ी ऐसी कोई भी मौत नहीं हुई है।” सरकार ने आगे आम जनता से सतर्क रहने और बिना पुष्टि किए किसी भी जानकारी को आगे शेयर या फॉरवर्ड न करने की अपील की है। PIB ने लोगों से कहा है कि अगर उन्हें कोई भी संदिग्ध कंटेंट दिखता है, तो तुरंत फैक्ट चेक टीम को सूचित करें।
वेंटिलेटर पर एक छात्रा
इस बीच राष्ट्रीय राजधानी में CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुई एक युवती को यहां राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखा गया है। सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि युवती को सोमवार को प्रदर्शन के दौरान चोटें आई थीं। सूत्रों ने बताया, ''CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल हुई एक युवती आरएमएल अस्पताल में वेंटिलेटर पर है।'' इससे पहले दिल्ली पुलिस ने सोमवार को एक बयान में दावा किया था कि प्रदर्शन के दौरान 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि 60 प्रदर्शनकारी भी घायल हैं।
पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
सरकार की तरफ से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में जंतर-मंतर सहित अलग अलग जगहों पर सोमवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर CJP के 'संसद चलो' मार्च में हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान भीड़ एक समय संसद भवन के पास पहुंच गई थी। इस बीच दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को संसद तक पहुंचने से रोकने के लिए बल प्रयोग किया।
पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज के लिए कई जगहों पर आंसू गैस के गोले भी दागे। सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की बर्बरता पर सवाल भी उठे हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने हिंसक कार्रवाई की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है। वहीं सरकार ने भी झूठी खबरों को सोच-समझ कर शेयर करने की सलाह दी है ।
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लेखक के बारे में
Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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