'जंतर-मंतर पर टीयर गैस गन पहुंचीं, माहौल बिगाड़ने की तैयारी' CJP ने लगाए गंभीर आरोप
अपनी बात को साबित करने के लिए CJP ने जंतर-मंतर से एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें सुरक्षा बल का एक जवान आंसू गैस की गन लेकर प्रदर्शनकारियों के ठीक सामने बैठा दिखाई दे रहा है।

नीट पेपर लीक मामले में जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन अब एक बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बाद आज अनशन के 21वें दिन जंतर-मंतर छावनी में तब्दील हो चुका है। इस बीच, आंदोलन की अगुवाई कर रही 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने सोशल मीडिया पर एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है, जिससे दिल्ली का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।
CJP का बड़ा आरोप: 'माहौल बिगाड़ने के लिए घुसाए गए बाहरी लोग'
रविवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर एक के बाद एक कई पोस्ट करके दिल्ली पुलिस और सत्ताधारी दल पर गंभीर आरोप लगाए।
CJP ने दावा किया कि उनके सूत्रों के मुताबिक, "बीजेपी और दिल्ली पुलिस के करीब 30 से 40 गुंडे हमारे प्रदर्शन स्थल में घुस चुके हैं। ये लोग आज यहां भारत-विरोधी और भड़काऊ बयानबाजी करके माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेंगे।" पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि ऐसे शरारती तत्वों को तुरंत बेनकाब करें, क्योंकि इनका CJP या सोनम वांगचुक के आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है।
अपनी बात को साबित करने के लिए CJP ने जंतर-मंतर से एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें सुरक्षा बल का एक जवान आंसू गैस की गन लेकर प्रदर्शनकारियों के ठीक सामने बैठा दिखाई दे रहा है।
अस्पताल से आया वांगचुक का संदेश
दूसरी तरफ, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए गए सोनम वांगचुक ने वहां से एक बेहद भावुक और कड़ा संदेश देश के नाम भेजा है। अपनी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो के जरिए भिजवाए गए इस हाथ से लिखे नोट को वांगचुक के सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया गया है।
वांगचुक ने 20 जुलाई (सोमवार) को होने वाले संसद मार्च को भारत का "दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन" करार दिया है।
उन्होंने अपने नोट में लिखा, "20 जुलाई। भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन। अन्याय से आजादी (जैसे पेपर लीक)। डर से आजादी (मेरी अवैध हिरासत)। संसद मार्च। कृपया इसे एक बड़ी सफलता बनाएं।"
इस नोट में वांगचुक ने अस्पताल में रखे जाने को सीधे तौर पर 'अवैध हिरासत' बताया है। उनका साफ कहना है कि उन्हें उनकी मर्जी के खिलाफ जंतर-मंतर से उठाकर यहां बंद कर दिया गया है।
कल होने वाले संसद मार्च पर टिकीं सबकी नजरें
28 जून से शुरू हुए इस आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 20 जुलाई को संसद के घेराव का एलान किया है। इस मार्च की तीन प्रमुख मांगें हैं:
- देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली और भ्रष्टाचार पर सख्त जवाबदेही तय हो।
- देश की पूरी परीक्षा प्रणाली में बड़े और पारदर्शी सुधार किए जाएं।
- कथित पेपर लीक की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें।
जंतर-मंतर पर बढ़ते तनाव और सफदरजंग अस्पताल से आए इस कड़े संदेश के बाद कल यानी सोमवार को दिल्ली की सड़कों पर भारी हंगामा होने के आसार हैं, क्योंकि पुलिस इस मार्च को रोकने के लिए पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दे रही है।


