CJP प्रोटेस्ट बना विपक्ष के लिए मास्टरस्ट्रोक, कैसे संसद में करा दिया बंपर फायदा
सोमवार को CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने संसद तक मार्च किया। खबरें हैं कि मार्च मंगलवार को भी जारी रह सकता है। कहा जा रहा है कि सड़कों पर जारी इस विरोध प्रदर्शन ने विपक्ष की रणनीति को मजबूत कर दिया है।

पेपर लीक, परीक्षा घोटाले और बेरोजगारी को लेकर छात्रों के आंदोलन ने सरकार के खिलाफ विपक्ष के मुद्दों को धार दे दी है। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और छात्रों के संसद मार्च से विपक्ष को सरकार पर दबाव बढ़ाने का मौका मिल गया है। पेपर लीक पर पहले से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे विपक्षी दल अब संसद के अंदर इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाने की तैयारी कर रहे हैं।
विपक्ष ने छात्रों के संसद मार्च में कथित पुलिस बल प्रयोग का विरोध किया। विपक्षी दलों ने संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार को घेरने में कोई रियायत नहीं बरती। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। सपा भी छात्रों के समर्थन में आई।
सपा का जंतर-मंतर तक मार्च
छात्रों की मांगों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के कई सांसदों ने वरिष्ठ नेता डिंपल यादव की अगुवाई में संसद भवन से जंतर मंतर तक मार्च किया। सपा सांसदों ने अपने हाथों में ‘नीट है या चीट है’ की तख्तियां ले रखी थीं। हालांकि, उन्हें रास्ते में रोक दिया गया। सपा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि डिंपल यादव को हिरासत में लेना निंदनीय और अलोकतांत्रिक है। बाद में सपा ने डिंपल यादव की संसद मार्ग थाने की तस्वीरें भी साझा की। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि नीट छात्रों को न्याय मिलना चाहिए। पुलिस प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस का प्रयोग, लाठीचार्ज और पथराव कर रही है।
छात्रों के भविष्य का सवाल
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि अभी तक विपक्षी दल इस मुद्दे को उठा रहे थे, पर छात्रों के आंदोलन ने इस मुद्दे को धार दे दी है। अब यह मुद्दा सिर्फ नीट पेपर लीक तक सीमित नहीं रहा है। यह छात्रों के भविष्य और पूरी शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा बन गया है। विपक्षी दल इसे पूरी ताकत के साथ संसद के अंदर और बाहर इस मुद्दे को उठाएंगे।
विपक्ष आक्रामक
इस मुद्दे पर विपक्ष की आक्रामकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने साफ कहा कि संसद देश के बच्चों की है और किसी की जागीर नहीं है। संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह देश के बच्चे हैं, देश के भविष्य हैं। यह संसद उनकी है, किसी की जागीर नहीं है। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सरकार पर लोगों की चिंताओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की न्यूनतम मांगों में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तथा नीट और सीबीएसई की परीक्षा प्रणालियों पर चर्चा शामिल है।


