जुनैद के परिवार संग योगी की पुलिस ने क्या किया? कांग्रेस सांसद भी विवाद में कूदे
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने वाले जुनैद को कांग्रेस का साथ मिला है। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को मोहम्मद जुनैद को आश्वासन दिया कि वह उनके साथ खड़ी है और उन्हें किसी से डरने की जरूरत नहीं है।

जंतर-मंतर पर छात्रों और प्रदर्शनकारियों को मुफ्त खाना-पानी उपलब्ध कराने वाले मोहम्मद जुनैद अब सियासत के केंद्र में आ गए हैं। सोमवार ( 27 जुलाई ) को कांग्रेस पार्टी ने जुनैद को खुलकर अपना समर्थन दिया है। पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने उन्हें अपने सरकारी आवास पर बुलाकर न सिर्फ हर तरह की मदद का आश्वासन दिया, बल्कि यह भी कहा कि कांग्रेस और पूरा विपक्ष उनके साथ खड़ा है।
कैसे चर्चा में आए जुनैद?
मोहम्मद जुनैद की कहानी उस समय शुरू हुई जब जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान उन्होंने बिना किसी बड़े संगठन के समर्थन के प्रदर्शनकारियों को लगातार भोजन और पीने का पानी उपलब्ध कराना शुरू किया। शुरुआती दिनों में जब कोई खुलकर समर्थन में समाने नहीं आया था, तब जुनैद खुद खाना पकाने से लेकर वितरण तक का काम करते रहे। देखते ही देखते उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस-प्रशासन के नजर में आ गए। इसके बाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के नाहल गांव स्थित उनके पैतृक घर पर यूपी पुलिस ने अचानक छापा मारा। पुलिस ने उनके पिता और परिवार के कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया। परिवार के सदस्यों को घंटों पूछताछ की और जानने की कोशिश किया कि आखिर जुनैद के पास फंड कहां से आ रहा है? इस दौरान पुलिस ने उनसे कई कागजात भी लिए, जैसे आधार कार्ड, बैंक डिटेल आदी। हालांकि बाद में पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया और कहा गया कि जरूरत पड़ने पर फिर से पूछताछ हो सकती है।
जुनैद के साथ खड़ी है कांग्रेस
इसी बीच कांग्रेस ने जुनैद के पक्ष में खुलकर समर्थन का ऐलान कर दिया। सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने उन्हें नई दिल्ली स्थित अपने सरकारी आवास पर बुलाया और बात की। प्रतापगढ़ी ने जुनैद से स्पष्ट शब्दों में कहा कि आपने कुछ भी गलत नहीं किया है। प्रदर्शनकारियों को खाना देने में कोई गैरकानूनी बात नहीं है। कांग्रेस पार्टी आपके साथ है। पूरा विपक्ष आपके साथ खड़ा है। हम आपको हर तरह का सपोर्ट देंगे। जरूरत पड़ी तो कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराएंगे। अब आपको किसी से डरने की जरूरत नहीं है।
प्रतापगढ़ी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जुनैद जैसे लोग जो देशभर में छात्रों की सेवा के लिए लगातार मौजूद रहे, उन्हें हिरासत में लेना और परेशान करना इस सिस्टम का सबसे शर्मनाक चेहरा है। आंदोलन के दौरान देशभर में हजारों लोग अपने-अपने स्तर पर बच्चों की मदद कर रहे थे। जुनैद ने भी सिर्फ इंसानियत के नाते छात्रों की सेवा की। सरकार से निवेदन है कि आंदोलन के दौरान लोगों की सेवा कर रहे साथियों को डराना और परेशान करना बंद करे।
दिल्ली पुलिस ने उठाया
दूसरी ओर जुनैद ने दिल्ली पुलिस को लेकर चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए बताया कि दिल्ली पुलिस के सादे कपड़ों में आए कुछ अधिकारियों ने उन्हें अचानक उठा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई और रात भर उनसे फंडिंग के स्रोतों के बारे में पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान बार-बार यह पूछा गया कि खाने-पानी की व्यवस्था के लिए पैसा कहां से आ रहा है और किन लोगों से संपर्क है। उन्होंने आगे दावा किया कि पूछताछ खत्म होने के बाद उन्हें मसूरी में छोड़ दिया गया।
अभिजीत दिपके की टीम से नाराज
प्रदर्शन खत्म होने के बाद अभिजीत दिपके और उनकी टीम द्वारा नजरअंदाज किए जाने से भी जुनैद नाराज हैं। मीडिया से बातचीत में उसने भावुक होते हुए कहा कि उन्हें मेरे पास आकर कम से कम दो शब्द प्रशंसा के कहने चाहिए थे। प्रदर्शन खत्म होने के बाद मुझसे हाथ मिलाना चाहिए था। अगर आप किसी जानवर को भी 24 घंटे अपने साथ रखते हैं तो आप उसकी देखभाल करने लगते हैं। मैं तो उनके साथ 35 दिनों तक इंसान की तरह रहा, दिन-रात उनकी सेवा करता रहा। लेकिन उन्होंने मुझे पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।


