CJP के प्रदर्शन में पाकिस्तान से अफवाह फैलाई गई? पुलिस की रडार पर कई सोशल मीडिया हैंडल

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इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक कई FIR दर्ज की हैं और 70 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। साथ ही अब एक नए एंगल से भी जांच की जा रही है।

Jantar Mantar CJP Protest March
जंतर-मंतर से CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर टीयर गैस के गोले दागे गए। (Photo by Sajjad HUSSAIN / AFP)

संसद के मानसून सत्र के पहले दिन जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई भारी हिंसा और पथराव हुआ। अब दिल्ली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम के पीछे एक बड़ी साजिश की आशंका जताई है। पुलिस प्रदर्शन में हुई हिंसा और सोशल मीडिया पर फैलाई गई अफवाहों के तार पड़ोसी देश पाकिस्तान से जोड़कर जांच कर रही है।

इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए अब तक कई FIR दर्ज की हैं और 70 से ज्यादा उपद्रवियों को हिरासत में लिया है।

पाकिस्तानी हैंडल्स से फैलाई गई मौत की झूठी अफवाह?

मीडिया रिपोर्ट्स में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के हवाले से बताया गया कि जांच अधिकारियों को सोशल मीडिया पर ऐसी कई संदिग्ध पोस्ट और ट्वीट्स मिले हैं, जिन्हें पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स ऑपरेट कर रहे थे।

इसमें कहा गया कि पुलिस का मानना है कि इन हैंडल्स के जरिए जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं को भड़काने के लिए सोची-समझी रणनीति के तहत भ्रामक आंकड़े और अफवाहें फैलाई गईं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वायरल पोस्ट में दावा किया गया कि पुलिसिया कार्रवाई में 7 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, जबकि 391 लोग घायल हैं और 250 को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ये अकाउंट '𝐃𝐫𝐞𝐚𝐝 𝐖𝐚𝐭𝐜𝐡𝐞𝐫' के नाम से है और इसकी लोकेशन पाकिस्तान दिखा रहा है।

CJP के प्रदर्शन में पाकिस्तान से अफवाह फैलाई गई?

इतना ही नहीं इस हैंडल से कुछ दिन पहले भी ऐसा दावा किया गया था कि जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में एक हमले में भारतीय सेना के 8 जवानों की जान चली गई है। हालांकि, पीआईबी ने इसका फैक्ट चेक कर इसे फेक बताया था।

PIB ने किया फैक्ट चेक

अब दिल्ली पुलिस ने भी सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर किए गए इ दावे को पूरी तरह मनगढ़ंत और बकवास बताया है। पुलिस जांच कर रही है कि इन डिजिटल अफवाहों के जरिए दिल्ली की कानून व्यवस्था को बिगाड़ने के पीछे किस 'बाहरी ताकत' का हाथ है।

50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल

संसद मार्च के दौरान हुए हिंसक पथराव और बैरिकेड्स तोड़ने की घटनाओं में सुरक्षा बलों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

हिंसक झड़प में 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

कानून व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए मुस्तैद 10 से ज्यादा सीनियर IPS और डैनिप्स (DANIPS) अधिकारी भी इस पथराव की चपेट में आकर घायल हुए हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कई घायल पुलिसकर्मियों का इलाज अभी जारी है, जिससे यह संख्या और बढ़ सकती है।

डिजिटल सबूतों से होगी उपद्रवियों की पहचान

स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) ने स्पष्ट किया है कि पुलिस अलग-अलग शिकायतों के आधार पर कई मुकदमे दर्ज कर रही है। उपद्रवियों और हिंसा के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए दिल्ली पुलिस का पूरा भरोसा अब डिजिटल साक्ष्यों पर है।

जंतर-मंतर, टॉलस्टॉय मार्ग और संसद मार्ग के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों, मीडिया चैनलों और आम जनता की ओर से रिकॉर्ड किए गए मोबाइल वीडियो की मदद से पथराव करने वाले चेहरों की पहचान की जा रही है।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने साफ किया है कि अगर जांच के दौरान किसी भी राजनीतिक दल या उसके नेताओं की ओर से युवाओं को हिंसा के लिए उकसाने या फंडिंग करने की बात सामने आती है, तो बिना किसी ढिलाई के सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Shubham Sharma

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