CJP ने शुरू किया नया अभियान, आंदोलनकारियों को कानूनी मदद के लिए जुटाएगी ऑनलाइन फंड
राज्यसभा सांसद और देश के जाने-माने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें देश का आम नागरिक 1 रुपये की न्यूनतम राशि का योगदान भी कर सकता है।

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को अपने एक नए अभियान का ऐलान किया। NEET पेपर लीक पर बड़े आंदोलन को लीड करने वाली CJP अब एक नई वेबसाइट लॉन्च करने जा रही है, जिसके जरिए प्रदर्शनों में शामिल उन छात्रों और युवाओं की कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए फंड जुटाया जाएगा, जिन पर सरकार या पुलिस की ओर से कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राज्यसभा सांसद और देश के जाने-माने वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि इसमें देश का आम नागरिक 1 रुपये की न्यूनतम राशि का योगदान भी कर सकता है।
CJP प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, "हम एक ऐसी वेबसाइट लॉन्च करेंगे जहां लोग अपनी इच्छा से-चाहे वह सिर्फ 1 रुपया ही क्यों न हो- योगदान दे सकते हैं। इस फंड का उद्देश्य अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और झूठी/गलत कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे युवाओं की मदद करना है। मैं अपनी ओर से पूरी कानूनी सहायता दूंगा, लेकिन इस फंड के मैनेजमेंट और वितरण की जिम्मेदारी CJP संभालेगी।"
कपिल सिब्बल ने कहा कि इस पहल का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को कानूनी लड़ाई में अकेला न छोड़ना पड़े। उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि एक स्वाभाविक और स्वतंत्र आंदोलन के लिए छात्रों को निशाना बनाया जाए। चाहे वे महाराष्ट्र में हों या बिहार में, जहां भी युवाओं पर कार्रवाई होगी, यह फंड उनकी मदद करेगा। जब लोग असमानता के खिलाफ आवाज उठाते हैं और सरकार उन्हें परेशान करती है, तभी देश में बदलाव आता है।"
आंदोलन खत्म होने के बाद सरकार करती है टारगेट: CJP प्रवक्ता
CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि 25 जुलाई को आंदोलन वापस लेने से पहले और बाद में संगठन लगातार कपिल सिब्बल से कानूनी सलाह ले रहा था।
सौरव दास ने इस लीगल फंड की जरूरत पर बात करते हुए कहा, "हमने 25 जुलाई को सद्भावना के साथ अपना आंदोलन खत्म किया था। लेकिन हमें डर था कि आंदोलन खत्म होते ही सरकार व्यक्तिगत रूप से छात्रों और प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाना शुरू कर सकती है- जैसा कि पहले भी देखा गया है। यह पहल उन पुलिस अधिकारियों और जवाबदेह लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई का पहला कदम है, जिन्होंने निर्दोष छात्रों पर लाठियां चलाई थीं।"
नई वेबसाइट कैसे करेगी काम?
- वेबसाइट के जरिए क्राउडफंडिंग: देश का कोई भी नागरिक इस फंड में 1 रुपये या उससे अधिक की राशि का योगदान कर सकता है।
2. पूरे भारत में मदद: यह कानूनी सहायता सिर्फ दिल्ली तक सीमित न रहकर बिहार, महाराष्ट्र और देश के अन्य राज्यों के छात्रों को भी मिलेगी।
3. पुलिस अत्याचार के खिलाफ केस: CJP ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज और पुलिसिया कार्रवाई के दोषी अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने की अपनी रणनीति भी दोहराई है।
बिहार में प्रदर्शनकारियों पर हिंसा पर क्या बोली CJP?
CJP ने दावा किया है कि बिहार में प्रदर्शनकारियों पर सबसे ज्यादा सख्ती की गई है। संगठन की कार्यकर्ता रत्ना सिंह ने कहा कि बिहार से पुलिस कार्रवाई और कथित पुलिस ज्यादती की सबसे ज्यादा खबरें सामने आई हैं।
रत्ना सिंह ने आरोप लगाया, "बिहार में प्रदर्शनकारियों पर भारी पुलिस कार्रवाई हुई। यहां तक कि पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ AK-47 के इस्तेमाल की भी खबरें आई हैं। हम प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद दिलाने के लिए वकीलों के साथ तालमेल बना रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि CJP की टीम उन लोगों की मदद करेगी, जिनके खिलाफ प्रदर्शन में शामिल होने के कारण कानूनी कार्रवाई की गई है।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब कुछ दिन पहले ही CJP ने केंद्र सरकार से बातचीत के बाद अपना देशव्यापी आंदोलन वापस लेने का ऐलान किया था। हालांकि, संगठन अब भी यह मांग कर रहा है कि प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज पुलिस और कानूनी मामलों को वापस लिया जाए।
CJP ने साक्षी प्लेटफॉर्म भी किया लॉन्च
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने आगे बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिया कार्रवाई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएगी और जरूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएगी।
उन्होंने कहा, “20 तारीख को जिन भी पुलिस वालों या RAF के जवानों ने लड़कियों और बच्चियों के साथ गलत हरकत की हम लोग उनके खिलाफ FIR दर्ज कराएंगे और जरूरत पड़ी तो हम कोर्ट भी जाएंगे।”
दास ने आगे बताया कि इसके लिए हमने अपनी वेबसाइट: thecockroachjantaparty.org.in पर एक साक्षी नाम का प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिस किसी के पास भी 20 जुलाई के दिन की पुलिस बर्बरता की तस्वीर या वीडियो हो, वे इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर सकते हैं। ताकि हम उसके आधार पर केस दर्ज करा सकें।


