सरकार हमसे बात करने आ गई, संसद कूच से पहले CJP का बहुत बड़ा दावा
दिल्ली के जंतर मंतर से लेकर संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी या CJP पैदल मार्च निकालने जा रही है। इसके चलते पुलिस मुस्तैद और इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। CJP का कहना है कि सरकार ने पहली बार बात करने की कोशिश की है।

CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद तक मार्च की तैयारी की है। इसी बीच पार्टी ने सोमवार को दावा किया है कि सरकार ने पहली बार बातचीत की कोशिश की है। हालांकि, इसे लेकर केंद्र की ओर से आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा गया है। पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर सीजेपी लगातार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है।
हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार, सीजेपी के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि केंद्र सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर बातचीत की कोशिश की है। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं है कि किस मंत्री या अधिकारी की तरफ से बातचीत की अपील की गई है। वहीं, सरकार ने अब तक इसपर आधिकारिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है।
सोनम वांगचुक ने की थी मांग
सफदरजंग अस्पताल में भर्ती जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने मांग की थी कि अगर सांसद मॉनसून सत्र में पेपर लीक मुद्दे को उठाते हैं, तो वह भूख हड़ताल खत्म कर देंगे। साथ ही उन्होंने मांग की थी कि अगर तबीयत के कारण वह मार्च में नहीं जा पाते हैं, तो सांसद और पार्टियों के नेता अस्पताल में आकर मुलाकात करें और आश्वासन दें।
उन्होंने कहा था, 'आप में से कई लोग पूछ रहे थे कि मैं अपना अनशन कब खत्म करूंगा। जैसा कि समर्थकों को पहले बताया गया है कि अगर ये शर्तें मानी जाती हैं तो मैं 20 जुलाई को अपना अनशन खत्म कर सकता हूं।'
उन्होंने लिखा, 'पहला, अगर सरकार हाल ही में शिक्षा व्यवस्था में हुए पेपर लीक जैसे फेलियर की जवाबदेही स्पीकर करती है। या अगर मैं और सीजेपी नेतृत्व संसद के द्वार पर पहुंचते हैं, जहां माननीय सांसद और अलग-अलग दलों के नेता हमें आश्वासन दें कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।'
उन्होंने लिखा, 'या अगर स्वास्थ्य या किसी अन्य कारणों से नहीं आ पाते हैं, तो माननीय सांसद और अलग-अलग दलों के नेता अस्पताल आएंगे और आश्वासन देंगे।'
अनशन की तैयारी
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, 'भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा किया है। देश भर से लोग आ रहे हैं। जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा कि यह सिर्फ सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा। आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कों को देखिए; वे पूरी तरह से भरी हुई हैं... संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता।'
सुरक्षा तैनात
सीजेपी के विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क है। जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्राधिकारियों ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) सचिन शर्मा ने रविवार को जारी परामर्श में कहा, 'दिल्ली पुलिस स्पष्ट करती है कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही दी गई है।'


