अब बीसीआई चीफ के खिलाफ प्रदर्शन को तैयार कॉकरोच, मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग
नालसार यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ विवाद, बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा का पीछा छोड़ता नजर नहीं आ रहा है। अब कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग उठाई है।

नालसार यूनिवर्सिटी से शुरू हुआ विवाद, बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा का पीछा छोड़ता नजर नहीं आ रहा है। अब कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने मनन मिश्रा के इस्तीफे की मांग उठाई है। सौरव दास ने कहाकि ‘लीगल कॉकरोच’, 20 अगस्त दिन गुरुवार को सुबह 10 बजे मनन मिश्रा के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मनन मिश्रा के इस्तीफे की भी मांग उठाई है। दास ने कहाकि यह विरोध प्रदर्शन ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन द्वारा बुलाया गया है। उन्होंने हर उस शांतिपूर्ण विरोध का समर्थन किया जो जवाबदेही मांगता है और पद में आचरण के उच्च मानक स्थापित करता है।
सौरव दास क्या बोले
सौरव दास ने आगे कहाकि बॉम्बे बार एसोसिएशन ने मंगलवार को मनन मिश्रा के इस्तीफे की भी मांग की। दिन की शुरुआत में, बॉम्बे बार एसोसिएशन ने एनएएलएसएआर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ के छात्रों के खिलाफ बीसीआई चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा की कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की थी। बार संस्था ने उनके माफीनामे पर भी फटकार लगाई और कहाकि यह केवल मौजूदा हालात को शांत करने की कोशिश थी। 18 अगस्त को जारी लेटर में एसोसिएशन ने कहाकि इस माफी में उनके कृत्यों पर पछतावा नहीं झलक रहा है। बल्कि होना यह चाहिए कि मनन मिश्रा बीसीआई चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दें। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बीसीसीआई चेयरमैन मनन मिश्रा और सीजेआई सूर्यकांत के उनके कॉन्वोकेशन का हिस्सा बनने को लेकर आपत्ति जताई थी।
बीसीआई का आदेश
इसके बाद बार काउंसिल ऑफ इंडिया, यानी बीसीआई के अध्यक्ष मनन मिश्रा ने एक आदेश पारित किया। इसमें कहा गया कि सभी राज्य विधिज्ञ परिष नालसर लॉ यूनिवर्सिटी के 2026 में पास होने वाले किसी भी ग्रेजुएट को अगले आदेश तक अधिवक्ता के रूप में नामांकित न करें। हालांकि बाद में इसको लेकर विवाद बढ़ने पर बीसीआई ने यह आदेश वापस ले लिया था। बाद में इसके लिए सीजेआई ने भी बीसीआई को कड़ी फटकार लगाई थी। उन्होंने इस मामले को अपने और छात्रों के बीच की बात कहा था।
बाद में दिया बयान
बाद में मनन मिश्रा ने नए बयान में कहाकि सदस्यों ने पहले जारी पत्र पर विस्तार से चर्चा की और छात्रों के पंजीकरण से संबंधित निर्देश को बदलने का फैसला आम-सहमति से लिया। उन्होंने कहाकि सभी छात्रों को उनकी पसंद के राज्य बार काउंसिल में पंजीकरण कराने का अधिकार होगा। बीसीआई ने यह भी कहा कि उसे विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि कुछ शिक्षक और बाहरी लोग निर्दोष छात्रों को कथित रूप से उकसाने में शामिल रहे। काउंसिल ने कहाकि किसी भी छात्र को उसकी गलती नहीं होने पर परेशानी नहीं भुगतने दी जाएगी।
माफी भी मांग ली
अब बीसीआई अध्यक्ष मनन मिश्रा ने इस मामले को लेकर माफी भी मांग ली है। मिश्रा ने स्वतंत्रता दिवस पर जारी एक बयान में कहा कि हाल के घटनाक्रम से विद्यार्थियों में चिंता पैदा हुई है। उन्होंने कहाकि यदि उनके किसी शब्द या संदेश से विद्यार्थियों की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें इसका खेद है। बयान में कहा गया कि यदि मौजूदा विवाद से जुड़ी किसी बात, मेरे किसी शब्द या पत्र से हमारे विधि विद्यार्थियों की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं इसके लिए ईमानदारी से खेद व्यक्त करता हूं और माफी मांगता हूं। इसमें कहा गया कि यह बात कहने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए। खेद जताना प्रतिष्ठा या अहंकार का विषय नहीं है। यह केवल इस बात को स्वीकार करना है कि हमारे विद्यार्थियों की भावनाएं और चिंताएं मायने रखती हैं।


