कॉकरोच एक्टिविस्ट के पिता की हत्या, 8 गिरफ्तार; लेकिन अब कुछ और ही बता रही बंगाल पुलिस

लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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CJP कार्यकर्ता के पिता की मौत के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें जानलेवा चोट नहीं लगी थी। मामले में हत्या समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है और दो आरोपी फरार हैं।

CJP कार्यकर्ता के पिता की मौत पर बड़ा अपडेट, 8 गिरफ्तार; पुलिस ने बताई मौत की वजह
CJP कार्यकर्ता के पिता की मौत पर बड़ा अपडेट, 8 गिरफ्तार; पुलिस ने बताई मौत की वजह

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता के पिता की मौत के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले में हत्या समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।

हालांकि, पुलिस ने उस दावे से इनकार किया है कि 50 वर्षीय शेख मोहम्मद मफीक की मौत किसी गंभीर शारीरिक हमले की वजह से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान उन्हें मामूली चोट लगी थी और बाद में ब्लड प्रेशर में गंभीर उतार-चढ़ाव के बाद अस्पताल में उनकी मौत हुई।

13 अगस्त को हुई थी घटना

पुलिस के अनुसार, घटना 13 अगस्त की रात बांकुड़ा जिले के इंदास में हुई। आरोप है कि कुछ लोग शेख अब्दुल हफीज के घर पहुंचे और उनका रास्ता रोका।

हफीज उसी दिन सुबह करिसुंडा पश्चिमपाड़ा प्राथमिक स्कूल गए थे। बताया गया कि उन्होंने स्कूल की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली थी। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान हफीज के पिता शेख मोहम्मद मफीक को मामूली चोट लगी थी। चोट के लिए उन्हें एक टांका लगाया गया था।

अस्पताल में इलाज के दौरान मौत

पुलिस ने बताया कि 15 अगस्त की सुबह मफीक ने ब्लड प्रेशर में गंभीर उतार-चढ़ाव महसूस किया। इसके बाद उन्हें बर्दवान मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार, इलाज करने वाले डॉक्टरों को उनके शरीर पर कोई जानलेवा चोट नहीं मिली थी। बाद में मफीक की मौत हो गई।

सोशल मीडिया पर दावों को पुलिस ने बताया गलत

मफीक की मौत के बाद सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि उनकी मौत गंभीर शारीरिक हमले की वजह से हुई। पश्चिम बंगाल पुलिस ने इन दावों को गलत बताया। पुलिस ने कहा कि मामले को लेकर सोशल मीडिया पर गलत सूचना फैलाई जा रही है।

आठ लोगों को किया गया गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक, मफीक के परिवार की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई और जांच के दौरान आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार एफआईआर में नामजद तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पांच अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आठ आरोपियों को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। हफीज के घर पर पुलिस का एक होमगार्ड तैनात किया गया है।

हत्या समेत कई धाराओं में केस

मफीक के परिवार की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं। इनमें हत्या, आपराधिक साजिश, झपटमारी, गंभीर आपराधिक धमकी, आपराधिक अतिक्रमण और गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।

CJP ने बीजेपी से जुड़े लोगों पर लगाया आरोप

CJP का आरोप है कि मफीक और उनके परिवार पर हमला करने वाले लोग बीजेपी से जुड़े थे। संगठन के मुताबिक, हफीज CJP के स्कूल सर्वे अभियान के तहत स्थानीय स्कूल का जायजा लेने गए थे और इसी वजह से कुछ लोग नाराज थे।

हालांकि, बीजेपी ने घटना में संगठन की संलिप्तता से इनकार किया है। CJP नेता आशुतोष रांका ने भी मफीक की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी की मांग की थी।

CJP ने सरकार को दिया 10 दिन का समय

CJP ने पश्चिम बंगाल सरकार से मफीक की मौत के लिए कथित तौर पर जिम्मेदार सभी लोगों को गिरफ्तार करने की मांग की है। संगठन ने सरकार को इसके लिए 10 दिन का समय दिया है। साथ ही आरोपियों के खिलाफ जरूरी कानूनी धाराएं लगाने की मांग की गई है। CJP ने कहा है कि अगर उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो स्थानीय प्रशासनिक कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।

मफीक के नाम पर स्कूल बनाने की मांग

CJP के पूर्व और पूर्वोत्तर जोन के प्रभारी अंकित भारद्वाज ने कहा कि हफीज आर्थिक मुआवजा नहीं चाहते हैं। उनके मुताबिक, मांग है कि मफीक की याद में उनके गांव और जिले में एक विश्वस्तरीय स्कूल बनाया जाए। CJP ने यह भी कहा कि सदस्य आकाश प्रेम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल हफीज के घर पर रहेगा।

Amit Kumar

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