Hindi NewsIndia NewsCJI Suryakant Says Temple Money belongs to Deity cannot be used for Banks
मंदिर का पैसा भगवान का है, बैंकों के लिए नहीं हो सकता इस्तेमाल: CJI सूर्यकांत ने कही बड़ी बात

मंदिर का पैसा भगवान का है, बैंकों के लिए नहीं हो सकता इस्तेमाल: CJI सूर्यकांत ने कही बड़ी बात

संक्षेप:

सीजेआई ने कहा कि मंदिर का पैसा भगवान का है और इसलिए, पैसे को सिर्फ मंदिर के हितों के लिए बचाया, सुरक्षित और इस्तेमाल किया जाना चाहिए और यह किसी कोऑपरेटिव बैंक के लिए इनकम या गुजारे का जरिया नहीं बन सकता।

Dec 05, 2025 04:16 pm ISTMadan Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
share Share
Follow Us on

सीजेआई सूर्यकांत ने शुक्रवार को बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि मंदिर का पैसा भगवान का है और पैसे की तंगी से जूझ रहे कोऑपरेटिव बैंकों को सहारा देने के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस सूर्यकांत (सीजेआई) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह तीखी टिप्पणी कुछ कोऑपरेटिव बैंकों की अपील पर सुनवाई करते हुए की। इन अपीलों में केरल हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई थी जिसमें बैंकों से थिरुनेली मंदिर देवस्वोम को जमा रकम वापस करने को कहा गया था।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा, "आप मंदिर के पैसे का इस्तेमाल बैंक को बचाने के लिए करना चाहते हैं? यह निर्देश देने में क्या गलत है कि मंदिर का पैसा, एक कोऑपरेटिव बैंक में रखने के बजाय, जो बड़ी मुश्किल से चल रहा है, एक स्वस्थ नेशनलाइज्ड बैंक में जाए जो ज्यादा से ज्यादा ब्याज दे सके।" सीजेआई ने कहा कि मंदिर का पैसा देवता का है और इसलिए, पैसे को सिर्फ मंदिर के हितों के लिए बचाया, सुरक्षित और इस्तेमाल किया जाना चाहिए और यह किसी कोऑपरेटिव बैंक के लिए इनकम या गुजारे का जरिया नहीं बन सकता।

हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिकाएं मनंतवाडी को-ऑपरेटिव अर्बन सोसाइटी लिमिटेड और थिरुनेली सर्विस कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड ने दायर की थीं। हाई कोर्ट ने पांच कोऑपरेटिव बैंकों को देवास्वोम के फिक्स्ड डिपॉजिट बंद करने और दो महीने के अंदर पूरी रकम वापस करने का निर्देश दिया था, क्योंकि बैंकों ने मैच्योर डिपॉजिट जारी करने से बार-बार मना कर दिया था। बेंच बैंकों की इस बात से सहमत नहीं थी कि हाई कोर्ट के अचानक दिए गए निर्देश से मुश्किलें आ रही हैं।

ये भी पढ़ें:हमारे धैर्य की परीक्षा न लें... मंदिर और दरगाह विवाद में क्यों भड़क गए मीलॉर्ड?
ये भी पढ़ें:2009 में एसिड अटैक हुआ था, अब तक ट्रायल चल रहा, सुनते ही भड़के CJI, लगाई क्लास

बेंच ने कहा कि बैंकों को लोगों के बीच अपनी विश्वसनीयता बनानी चाहिए। उसने कहा, "अगर आप कस्टमर और डिपॉजिट नहीं ला पा रहे हैं, तो यह आपकी समस्या है।" टॉप कोर्ट ने याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उसने बैंकों को विवादित आदेश का पालन करने के लिए समय बढ़ाने के लिए हाई कोर्ट जाने की अनुमति दी।

Madan Tiwari

लेखक के बारे में

Madan Tiwari

लखनऊ के रहने वाले मदन को डिजिटल मीडिया में आठ साल से अधिक का अनुभव है। लाइव हिन्दुस्तान में यह दूसरी पारी है। राजनीतिक विषयों पर लिखने में अधिक रुचि है। नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स, यूटीलिटी, एजुकेशन समेत विभिन्न बीट्स में काम किया है। लगभग सभी प्रमुख अखबारों के संपादकीय पृष्ठ पर 200 से अधिक आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं। खाली समय में लॉन टेनिस खेलना पसंद है।

और पढ़ें
इंडिया न्यूज़ , विधानसभा चुनाव , बजट 2026 और आज का मौसम से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में | लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।