यह सब लग्जरी मुकदमे हैं, बोतलबंद पानी की क्वालिटी वाली याचिका पर CJI सूर्यकांत की दो टूक
याचिका में पैक्ड पीने के पानी के स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। सीजेआई ने सवाल उठाते हुए पूछा कि इस देश में पीने का पानी कहां है मैडम? लोगों के पास पीने का पानी नहीं है, बोतलबंद पानी की क्वालिटी की बात तो बाद में आएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भारत में बोतलबंद पानी के क्वालिटी के लिए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स का पालन नहीं करने के मामलों में चिंता जताने वाली याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने इसे लग्जरी मुकदमा बताया। याचिका पर कोर्ट ने कहा कि देश में कई हिस्सों में लोगों को अभी भी पीने के लिए बेसिक पानी नहीं मिल पाता है।
लाइव लॉ के अनुसार, सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बाग्ची की बेंच सारंग वामन द्वारा दायर एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थीं। याचिका में पैक्ड पीने के पानी के स्टैंडर्ड को बेहतर बनाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। सीजेआई ने सवाल उठाते हुए पूछा कि इस देश में पीने का पानी कहां है मैडम? लोगों के पास पीने का पानी नहीं है, बोतलबंद पानी की क्वालिटी की बात तो बाद में आएगी।
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट अनीता शेनॉय ने कहा कि इस मुद्दे का सीधा संबंध आम जनता के स्वास्थ्य से है। उन्होंने कहा कि लोगों को कम से कम साफ और सुरक्षित बोतल वाला पीने का पानी तो मिलना ही चाहिए। अपने तर्क में शेनॉय ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 18 का हवाला दिया।
याचिकाकर्ता के तर्कों पर असहमति दिखाते हुए सीजेआई ने कहा कि यह शहरी सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा, ''यह शहरी सोच है, ग्रामीण इलाकों के रहने वाले लोग तो जमीन के नीचे का पानी पीते हैं और उन्हें कुछ नहीं होता। उन्होंने कहा कि अगर यह याचिका गांव में रह रहे लोगों को जिन्हें पीने का पानी नहीं मिलता, उस पर फोकस करती तो वह सराहना करते। सीजेआई ने कहा, ''यह सब लग्जरी मुकदमे हैं।''

लेखक के बारे में
Madan Tiwariलखनऊ के रहने वाले मदन तिवारी को मीडिया में एक दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में हिन्दुस्तान अखबार की न्यूज वेबसाइट लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स डिजिटल) में डिप्टी न्यूज एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। जागरण इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्युनिकेशन से पत्रकारिता की पढ़ाई की। कक्षा 12वीं के बाद से ही दैनिक जागरण, अमर उजाला, जनसत्ता समेत तमाम अखबारों में संपादकीय पृष्ठ पर लिखना शुरू किया। महज दो सालों में विभिन्न राष्ट्रीय और क्षेत्रियों अखबारों में दो सौ से अधिक आलेख प्रकाशित हुए। ग्रेजुएशन करते समय ही मीडिया में नौकरी की शुरुआत की। लाइव हिन्दुस्तान में अभी दूसरी पारी है और दोनों पारियों को मिलाकर यहां आठ साल से ज्यादा हो चुके हैं। मदन आजतक जैसे अन्य संस्थानों में भी काम कर चुके हैं।
यूपी-बिहार की पॉलिटिक्स से लेकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक खबरों को कवर करने का लंबा अनुभव है। पॉलिटिकल न्यूज में ज्यादा रुचि है और पिछले एक दशक में देशभर में हुए विभिन्न विधानसभा चुनावों के साथ-साथ लोकसभा चुनावों को भी कवर किया है। लाइव हिन्दुस्तान के लिए मदन देश-विदेश में रोजाना घटित होने वाली खबरों के साथ-साथ पॉलिटिकल खबरों का एनालिसिस, विभिन्न अहम विषयों पर एक्सप्लेनर, ब्रेकिंग न्यूज, वायरल न्यूज आदि कवर करते हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर से लेकर मिडिल ईस्ट में असली वॉर तक की इंटरनेशनल खबरों पर लिखते-पढ़ते रहते हैं। पिछले एक दशक में पत्रकारिता क्षेत्र में कई पुरस्कार मिल चुके हैं। मदन ने लाइव हिन्दुस्तान में काम करते हुए जर्नलिस्ट ऑफ द ईयर, मंथली अवॉर्ड्स, पॉपुलर च्वॉइस, एचटी स्टार अवॉर्ड्स समेत कई पुरस्कार जीते हैं।
और पढ़ें



